
Ranchi: भू-राजस्व विभाग के नियमों के मुताबिक किसी भी राजस्वकर्मी की तैनाती एक अंचल में तीन साल के लिए ही होती है. लेकिन मजाल कि भानू प्रताप को कोई बड़गांई अंचल से कोई हटा दे. कहा जाता है कि सत्ता शीर्ष तक इसकी पहुंच ऐसी थी कि सरकार में कोई भी हो लेकिन ये बड़गाई अंचल में ही बने रहने के आदी थे. इतना ही नहीं, भानू जहां भी रहा वहां इसने जमीन का अवैध कारोबार किया. बड़गाई के उप राजस्व कर्मचारी भानु प्रताप को एसीबी ने भी दो बार भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किया था. लेकिन हुआ कुछ भी नहीं. यह कार्रवाई गुमला जिले में उसकी तैनाती के दौरान हुई थी. भानुप्रताप के खिलाफ एसीबी में मामला वर्तमान में भी चल रहा है.
इसे भी पढ़ें: ED RAID: रांची के बड़गाई सीआई भानुप्रताप के घर से मिले जमीन संबंधी कई दस्तावेज, देखकर आप रह जाएंगे हैरान (देखें ताजा तस्वीरें और वीडियो)
जानें भानू के सिंडीकेट में और कौन-कौन
भानू के करीबी में उसके निजी सहायक सुरेंद्र कुमार और निजी कंप्यूटर ऑपरेटर नीरज कुमार है. यह तीनों बरियातू के भरम टोली स्थित एक घर में रहते हैं. अगर ईडी ने भानु प्रताप के निजी सहायक और निजी कंप्यूटर ऑपरेटर से पूछताछ की तो जमीन के दस्तावेज में कैसे हेरफेर कर जमीनों की अवैध तरीके से बिक्री की जाती है, इसका खुलासा भी हो सकता है. ईडी को भानू प्रताप के आवास से रांची जिले के बड़गाई अंचल से जुड़े इतने कागजात मिले हैं, जिसे देखकर कोई भी हैरान हो जाए. इसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर अब वायरल है.

कहा जा रहा है कि भानू एंड कंपनी ने मिलकर अवैध जमीन से जुड़े कई कांडों को अंजाम दिया है. लेकिन कार्रवाई के नाम पर आजतक किसी सीओ ने कभी भी इसकी शिकायत विभाग से नहीं है. ऐसे में आरोप लग रहा है कि जब भी भानू प्रताप किसी जमीन की कोई अवैध खरीद बिक्री का काम करता था तो अंचलाधिकारी की मंजूरी भी साथ रहती थी.




