
Ranchi : बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर जयंती के अवसर पर आजसू 14 अप्रैल को पूरे राज्य में जेल भरो आंदोलन करेगी. आजसू ने 2022 को संघर्ष वर्ष घोषित किया है और 7 मार्च को विधानसभा घेराव के साथ इसकी शुरुआत की जा चुकी है. संघर्ष वर्ष में आजसू पार्टी हर जन आंदोलन से जुड़ कर राज्य के सभी मुद्दों पर सड़क से लेकर सदन तक झारखंडियों की आवाज़ को बुलंद करेगी. यह संघर्ष अब और तेज़ होगा. इस संबंध में आजसू के केंद्रीय प्रवक्ता डॉ देवशरण भगत ने कहा कि तमाम राजशाही फरमानों के बावजूद आजसू के कार्यकर्ताओं ने अपनी आवाज़ बुलंद की. अब 14 अप्रैल को आजसू के कार्यकर्ता राज्य के हर जेल में अपना परिचय देंगे. आजसू पार्टी सरकार से यह जानना चाहती है कि झारखण्ड की पहचान, यहां की माटी के लिए लड़नेवालों के लिए उनके जेलों में कितनी वेकैंसी है.
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इन सात विषयों को लेकर होगा जेल भरो अभियान
अलग राज्य आंदोलन के उसूलों एवं झारखंडी अस्मिता तथा पहचान को स्थापित करने एवं बाबा साहेब के सपनों को साकार करने के लिए आजसू पार्टी सात मांगों को लेकर 14 अप्रैल को जेल भरो अभियान करेगी. सात मांगों में खतियान आधारित स्थानीय एवं नियोजन नीति लागू करने, पिछड़ों को आबादी अनुसार आरक्षण सुनिश्चित करने, जातीय जनगणना सुनिश्चित करने, सरना धर्म कोड लागू करने, बेरोजगारों को रोज़गार देने, झारखण्ड के संसाधनों की लूट बंद करने तथा झारखण्ड आंदोलनकारियों को सम्मान देने की बात मुख्य रूप से शामिल है.
सवालों का गोल-मटोल जवाब न दे सरकार
झारखंड के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो द्वारा विधानसभा में स्थानीय नीति, पिछड़ा आरक्षण, बेरोज़गारी एवं संसाधनों के दोहन के मुद्दे को लेकर पूछे गये सवालों का सरकार गोल-मटोल जवाब देती है. डॉ भगत ने कहा कि सरकार बनने के 2 साल बाद भी अगर राज्य के मुख्य विषयों पर सरकार का सीधा जवाब नहीं आना, यह सिद्ध करता है कि जनहित के मुद्दों का हल करने में ये लोग बिल्कुल भी गंभीर नहीं हैं.
बालू घाटों पर किसका कब्जा
सुदेश कुमार महतो ने संसाधनों की लूट पर भी विधानसभा में सरकार से सवाल किया. लेकिन सरकार की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं आया. बालू घाटों की लम्बे समय से नीलामी नहीं होने के कारण हर वर्ष अरबों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है. अब तो आलम यह है कि अवैध बालू लदी गाड़ियों के पकड़े जाने की संख्या ज्यादा है और इसके एवज में राशि वसूली कम हो गयी गयी है. आखिर राशि कौन निगल रहा है और इन घाटों पर कब्जा किसका है?
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दो साल बाद भी बेरोज़गारी भत्ता प्रदान करने के मापदंड तैयार नहीं
डॉ भगत ने कहा कि बेरोज़गारी एवं बेरोज़गारी भत्ता को लेकर सुदेश कुमार महतो द्वारा पूछे गये प्रश्नों पर सरकार का यह जवाब आता है कि-“बेरोजगारी भत्ता प्रदान करने के मापदंड को अभी तक अंतिम रूप नहीं दिया गया है.” यह झारखंडी जनता और यहां के युवाओं के साथ विश्वासघात नहीं तो और क्या है?
स्थानीय नीति, नियोजन नीति, आरक्षण के विषयों को हल करने के लिए निश्चित अवधि तय करे सरकार
आजसू पार्टी सरकार से यह आग्रह करती है कि झामुमो महागठबंधन की सरकार अब टालमटोल करना बंद करे और स्थानीय नीति, नियोजन नीति, आरक्षण के विषयों को हल करने के लिए निश्चित अवधि तय करे.
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