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लालू को हैं 16 बीमारियां, सभी इनक्यूरेबल

- रिम्स में दो साल दो महीने और 18 दिनों से भर्ती हैं चारा घोटाले में सजायाफ्ता राजद सुप्रीमो

Gaurav
Ranchi: राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स में भर्ती चारा घोटाले के सजायाफ्ता लालू प्रसाद यादव को 16 बीमारियां हैं और ये सभी इनक्यूरेबल हैं. मतलब यह कि ये बीमारियां पूरी तरह ठीक नहीं हो सकतीं. दवा-इलाज-परहेज से इन बीमारियों को कुछ हद तक कंट्रोल जरूर किया जा सकता है. लालू रिम्स में दो साल दो महीने और 18 दिनों से भर्ती हैं.

उनका इलाज करनेवाले डॉक्टरों का कहना है कि उनकी हालत ऐसी है कि उन्हें बिरसा मुंडा जेल में शिफ्ट करना मुमकिन नहीं है. उनके हेल्थ को लगातार मॉनिटर करना जरूरी है. हालांकि दूसरी ओर कई लोग लालू प्रसाद को लंबे समय से रिम्स में रखने पर सवाल उठा रहे हैं. कहा जा रहा है कि सजा अवधि में लालू प्रसाद को इलाज के नाम पर जितनी सुविधाएं दी जा रही हैं, वह अनुचित है. लोग यह भी सवाल उठा रहे हैं कि लालू प्रसाद की जगह पर अगर कोई दूसरा कैदी होता तो क्या उसे इस तरह की सुविधाएं मिलतीं?

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डॉक्टर बोले- हमारे लिए लालू सिर्फ एक मरीज

न्यूजविंग ने लालू प्रसाद का इलाज कर रहे डॉक्टर उमेश प्रसाद से इस बाबत बात की. डॉ प्रसाद ने कहा कि लालू प्रसाद हमारे लिए मरीज हैं. वह सजायाफ्ता हैं और इस दौरान उन्हें जो सुविधाएं मिल रही हैं, वह न्यायालय और जेल प्रशासन के आदेशों-निर्देशों से जुड़ा मसला है. हमारे लिए लालू प्रसाद यादव मरीज हैं और हमने कोर्ट को उनकी स्थिति का पूरा विवरण सौंप दिया है.

जहां तक उनके स्वास्थ्य की स्थिति की बात है, तो वे 16 विभिन्न बीमारियों से जूझ रहे हैं और ये सभी बीमारियां इनक्यूरेबल हैं. उनकी लगातार मॉनिटरिंग जरूरी है. जेल में होने की स्थिति में यह संभव नहीं है कि लगातार कोई डॉक्टर उनको विजिट करता रहे. उन्हें कार्डियक की भी समस्या है. स्थिति कभी भी बिगड़ जाती है.

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क्या समान्य कैदियों को मिल पाता ऐसा लाभ

क्या रिम्स में किसी समान्य कैदी को भी इतनी सहूलियतें मिल सकती हैं, जितनी लालू प्रसाद को मिल रही हैं? इस सवाल डाक्टर का कहना है कि रिम्स में समान्य कैदियों के लिए अलग से वार्ड है,जहां गंभीर मरीजों का कई दिनों तक इलाज चलता है. कैदी मरीजों के सुपरविजन के लिए अलग से स्वास्थ्यकर्मी, डॉक्टर और नर्स हैं.

लालू यादव पॉलिटिकल कैदी हैं. उनकी सुरक्षा आदि से जुड़े कई तरह के कंसर्न हैं तो तो समान्य मरीजों की तुलना में उनके लिए अलग व्यवस्था स्वाभाविक है. उन्हें फिलहाल डायरेक्टर बंगला में रखा गया है. इसमें रिम्स प्रशासन की सीधे तौर कोई भूमिका नहीं है, बल्कि कोर्ट और जेल प्रशासन के निर्णयों के अनुसार उन्हें सहूलियतें हासिल हो रही हैं.

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लालू यादव को कौन-कौन सी बीमारियां हैं

लालू प्रसाद यादव 16 बीमारियों से पीड़ित हैं और सभी असाध्य हैं. उन्हें सी.के.डी थर्ड-फोर्थ की बीमारी है. स्थिति ऐसी ही रही तो उन्हें आनेवाले कुछ महीनों के बाद डायलिसिस की जरूरत पड़ सकती है. इसके अलावा उन्हें कार्डियक प्रॉब्लम है और कभी भी उन्हें मेडिकल सलाह की जरुरत पड़ती है.

इसके अलावा उन्हें डायबिटीज मलाइटस, एसेंशियल हाइपरटेंशन, रिनल कैल्कुलाई, किडनी में पथरी, बिटाथेलेसेमिया, माइनर ह्यूमोग्लोबिन से संबंधित शिकायत, हाइपरथैलेसेमिया और प्राइमरी ओपन ग्लूकोमा भी है. इसके अलावा अन्य तरह की शिकायतें भी हैं.

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रिम्स में सबसे लंबे दिनों तक इलाज कराने वाले मरीज

रिम्स में सबसे लंबे दिनों तक इलाज कराने वाले मरीजों में से एक राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव हैं. लालू यादव रिम्स में दो साल दो महीने और 18 दिनों से इलाजरत हैं. बावजूद उनकी स्थिति में खास सुधार नहीं है. लालू यादव को अभी तक रिम्स की तीन बिल्डिंगों में रखा गया. रिम्स में भर्ती किये जाने के पहले लालू प्रसाद एम्स में भर्ती थे.

29 अगस्त 2018 को उन्हें कार्डियोलॉजी बिल्डिंग में शिफ्ट किया गया था. कार्डियोलॉजी विभाग में कुत्तों की आवाज से परेशान होने के बाद इन्हें रिम्स के पेइंग वार्ड में भर्ती कराया गया था. 5 अगस्त 2020 को पेइंग वार्ड में कोरोना संक्रमण के डर से उन्हें रिम्स के केली बंगला में शिफ्ट कर दिया गया था.

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तीन मामलों की सजा काट रहे हैं लालू

23 दिसम्बर 2017 को देवघर कोषागार से 84.53 लाख रुपए की अवैध निकासी के मामले में लालू यादव को साढ़े तीन साल की सजा सुनाई गई थी. 24 मार्च 2018 को दुमका कोषागार से 3.13 करोड़ रुपये की अवैध निकासी के मामले में दो अलग-अलग धाराओं में लालू को 7-7 साल की सजा सुनायी गयी, जबकि 60 लाख जुर्माना भी लगाया.

3 अक्टूबर 2013 में चाईबासा कोषागार से अवैध तरीके से 37.7 करोड़ और 33.67 करोड़ रुपये की अवैध निकासी के मामले में पांच-पांच साल की सजा सुनायी गयी है. लालू की यह तीनों सजाएं एक साथ चल रही हैं. हालांकि इनमें से एक मामले को छोड़कर अन्य सभी में उन्हें जमानत मिल चुकी है.

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