
Ranchi : राज्य के प्रतिष्ठित संस्थान माने जाने वाले मणिमाल-टाटा कॉलेज को केंद्र सरकार ने आरक्षण श्रेणी की सूची से बाहर रख दिया है. केंद्र के इस फैसले को कांग्रेसी नेताओं ने दुखद बताया है.
हाल ही दोबारा कांग्रेस में शामिल हुए जमशेदपुर के पूर्व सांसद व झारखंड प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष डॉ अजय ने कहा कि केंद्र सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग का यह फैसला सही नहीं है. इस तरह के फैसले से झारखंड के छात्रों के भविष्य में बाधा आएगी, जो चिकित्सा क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते है.
डॉ अजय ने कहा है कि केंद्र ने मणिपाल-टाटा मेडिकल कॉलेज सीट आरक्षण श्रेणी की सूची का हिस्सा नहीं करने का जो फैसला किया है, वह काफी चिंता का विषय है. उन्होंने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग की है कि केंद्र सरकार के समक्ष जोरदार तरीके से इस मुद्दे को उठाना चाहिए.
प्रेस बयान जारी कर डॉ अजय कुमार ने कहा है कि मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज देश में प्रतिष्ठित चिकित्सा प्रतिष्ठान है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा ऐसा कदम झारखंड की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली पर एक बड़ा झटका होगा. ऐसे में झारखंड के भाजपा नेता भी इस मामले पर खड़े होंगे और झारखंड के छात्रों के हित के लिए केंद्र सरकार के साथ इस मुद्दे को उठाएंगे.
इससे पहले बीते शनिवार को झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता भी बारीडीह स्थित मणिपाल-टाटा मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण करने गए थे. बन्ना ने भी कहा था कि केंद्र सरकार बेवजह इसके चालू होने में अड़ंगा लगा रहा है. जब स्वायत्तशासी शिक्षण संस्थान को यूजीसी से मान्यता लेने की आवश्यकता नहीं है, तो केंद्र क्यों इस पर जोर दे रहा है.




