
Giridih: चैंबर ऑफ कॉमर्स के साथ डीसी राहुल सिन्हा की बैठक के दूसरे दिन बुधवार को गिरिडीह के कारोबारियों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गयी. इस दौरान एक के बाद एक कई दुकानें खुलनी शुरू हो गयीं.
स्थिति यह हुई कि शहर के पद्म चौक के कई कपड़ा दुकानदारों ने चोरी-छिपे ग्राहकों को कपड़ा बेचना भी शुरू कर दिया.
बैठक में डीसी ने कहा था कि नगर निगम इलाके में हार्डवेयर, कंस्ट्रक्शन से जुड़ी दुकानें ही खुलेंगी. बताया गया कि मोबाइल रिचार्ज की दुकानों के साथ रिपेयरिंग और आवश्यक वस्तूओं की दुकानों को पूर्व की तरह खोला जायेगा.
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भ्रम फैलने के बाद स्थानीय प्रशासन ने पूरे शहर में घोषणा करायी. इसके बाद गैर जरूरी चीजों की दुकानें बंद कर दी गयीं. पुलिस की गश्ती भी जारी रही.
इधर राज्य सरकार के निर्देश पर गिरिडीह उत्पाद विभाग ने पूरे जिलें में 50 शराब दुकानों को खोलने का निर्देश जारी किया. उत्पाद अधीक्षक अवद्येश सिंह ने बुधवार को बताया कि कंटेनमेंट जोन में शराब दुकानें नहीं खुलेंगी.
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राज्य सरकार के निर्देश के बाद अब शराब के शौकीनों को निर्धारित मूल्य से 35 फीसदी अधिक मूल्य का भुगतान करना होगा. उत्पाद अधीक्षक ने यह भी बताया कि नगर निगम क्षेत्र में होम डिलीवरी की सुविधा की गयी है. जबकि शराब दुकानों के कांउटर से खरीदारी करने वालों को लाईन में लगकर ही शराब खरीदना होगा. बिना मास्क के शराब नहीं मिलेगी.
क्वारेंटाइन सेंटर में रह रहे मरीजों के तीन वक्त के भोजन के लिए सिर्फ 100 रुपया दिया जा रहा
क्वारेंटाइन सेंटर में रह रहे मरीजों को तीनों वक्त का भोजन जिला स्वास्थ समिति को सौ रुपये में कराना है. राज्य स्वास्थ मंत्रालय के निर्देश के बाद जिला स्वास्थ समिति ने यह निर्णय लिया है. अब ऐसे में समझा जा सकता है कि कोरोना संक्रमित मरीज की रोग प्रतिरोधक क्षमता का क्या हाल हो सकता है.
जिला स्वास्थ समिति ने जो पत्र जारी किया है, उसमें तीनों वक्त के भोजन के लिए महज सौ रुपये ही तय किया है.
फिलहाल जिला मुख्यालय स्थित बदडीहा के एएनएम हॉस्टल में कोरोना के नौ मरीज क्वारेंटाइन हैं. इनको इसी राशि में तीनों वक्त का भोजन कराया जा रहा है. हालांकि राहत की बात यह भी है कि विभाग के पदाधिकारी अपने स्तर से फल और सूखा भोजन इनको उपलब्ध करा रहे हैं.
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