
Dhanbad : पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के आरोपी ऋषिकेश देवडीकर को शुक्रवार को ट्रांजिड रिमांड पर बेंगलुरु ले जाया गया. बेंगलुरु की एसआइटी ने धनबाद के कतरास में छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया था.
ऋषिकेश कतरास के एक पेट्रोल पंप पर पहचान छुपाकर काम कर रहा था. मालूम हो कि गौरी लंकेश की हत्या 5 सितंबर 2017 को बेंगलुरु में कर दी गयी थी. पुलिस काफी दिनों से ऋषिकेश की तलाश कर रही थी.
घर से मिली सनातन धर्म की कई पुस्तकें
कर्नाटक की एसआइटी टीम गुरुवार को कतरास पहुंची. कतरास पुलिस के सहयोग से एसआइटी ने कतरास के भगत मोहल्ले में छापेमारी कर राजेश उर्फ ऋषिकेश देवडीकर नामक युवक को गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस ने उसके कमरे की भी तलाशी भी ली. उसके कमरे सनातन धर्म की कई पुस्तकें सहित अन्य सामान बरामद किये गये थे.
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अपनी पहचान छुपाकर पेट्रोल पंप पर कर रहा था केयर टेकर का काम
ऋषिकेश पिछले छह-सात माह से खेमका पेट्रोल पंप में केयर टेकर का काम कर रहा था और भगत मोहल्ला स्थित पंप मालिक के मकान में ही किरायेदार के तौर पर रह रहा था.
ऋषिकेश बेंगलुरु में हुई चार लोगों की हत्या मामले में भी वांछित है. पिछले डेढ़ साल से इसकी खोज हो रही थी. बताया जाता है कि ऋषिकेष गिरफ्तारी के डर से झारखंड आ गया था और कतरास में अपनी पहचान छुपाकर रह रहा था.
बताया जाता है ऋषिक लंकेश की हत्या की साजिश में शामिल था. ऋषिकेश महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले का निवासी बताया जाता है.
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पीएमसीएच में करायी गयी मेडिकल जांच
गिरफ्तारी के बाद शुक्रवार को धनबाद पीएमसीएच के अधीक्षक ने बताया कि ऋषिकेश की मेडिकल जांच की गयी.
मेडिकल जांच की रिपोर्ट एसआइटी को देने के बाद एसआइटी ने उसे कोर्ट में पेश किया और उसे ट्रांजिड रिमांड पर बेंगलुरु भेज दिया गया.
इस मामले में एसआईटी की टीम ने मीडिया के लोगों को कुछ भी बताने से इंकार कर दिया.
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