
Ranchi: चुनाव से पहले झारखंड की बीजेपी सरकार ने जनता को एक और तोहफे से नवाजा है. सरकार ने केंद्र के नये ट्रैफिक नियमों में काफी छूट दी है. ऐसे कई नियमों में सरकार ने संशोधन किया है जिसे राज्य सरकार कर सकती थी. नये ट्रैफिक नियमों को लेकर जनता के बीच काफी गुस्सा था. कैबिनेट की बैठक में ट्रैफिस रूल में संशोधन का प्रस्ताव पास कर दिया गया. इसे तत्काल प्रभाव से लागू किया जायेगा.
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कई जगहों पर पुलिस और आम पब्लिक के बीच झड़प की खबर मीडिया में आने लगी था. जनता के इस आक्रोश को देखते हुए राज्य के मुखिया ने पहले परिवहन व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों को निर्देश दिया कि पब्लिक को गाड़ियों के कागज बनाने के लिए थोड़ा समय दिया जाये. जिसके बाद सरकार ने तीन महीने की राहत कागजात बनाने के लिए दी. लेकिन अब राज्य सरकार ने इस नये मोटर अधिनियम में भारी छूट दी है.
जानिये राज्य सरकार ने क्या-क्या बदलाव किये…
पुलिस अधिकारी से बदतमीजीः सड़क पर वाहन के कागजात जांच रहे अधिकारी से बदतमीजी करने पर पहले 500 तक का जुर्माना था, जिसे केंद्र सरकार ने बढ़ा कर 2000 कर दिया था. लेकिन राज्य सरकार ने घटा कर फिर से अधिकतम 500 रुपये ही कर दिया है.
मोबाइल पर बातः वाहन चलाते वक्त मोबाइल से बात करने पर पहले 1000 तक का जुर्माना था. जिसे केंद्र सरकार ने बढ़ा कर 5000 कर दिया था. राज्य सरकार ने इसे घटा कर फिर से 1000 रुपये ही कर दिया है.
खतरनाक ड्राइविंगः खतरनाक तरीके से वाहन चलाने पर पहले जुर्माना 1000 रुपये का था, जिसे केंद्र सरकार ने बढ़ाते हुए 5000 कर दिया था और साथ में छह महीने की सजा का प्रावधान था. राज्य सरकार ने इसे घटा कर अब फिर से 1000 रुपये कर दिया है.
रजिस्ट्रेशन नहीं रहने परः रजिस्ट्रेशन नहीं रहने पर पहले जुर्माना 2000 रुपये का था. जिसे केंद्र सरकार ने बढ़ाते हुए 5000 कर दिया था. राज्य सरकार ने घटाते हुए एक बार फिर से 2000 रुपये कर दिया है.
प्रदूषण सर्टिफिकेट नहीं रहने परः प्रदूषण सर्टिफिकेट नहीं रहने पर पहले 1000 रुपये का जुर्माना था. जिसे केंद्र सरकार ने बढ़ाते हुए 10,000 रुपये कर दिया था. राज्य सरकार ने इसे घटा कर फिर से 1000 ही कर दिया है.
ड्राइविंग लाइसेंस नहीं रहने परः ड्राइविंग लाइसेंस नहीं रहने पर पहले 500 रुपये का जुर्माना था. जिसे केंद्र सरकार ने बढ़ाते हुए 5000 रुपये कर दिया था. राज्य सरकार ने इसमें किसी तरह का कोई संशोधन नहीं किया. पूछे जाने पर मंत्री सीपी सिंह ने कहा कि इस जुर्माना को घटाने का पावर राज्य सरकार को नहीं है.
इंश्योरेंस नहीं रहने परः इंश्योरेंस नहीं रहने पर पहले 1000 रुपये का जुर्माना था. जिसे केंद्र सरकार ने बढ़ाते हुए 4000 रुपये या तीन महीने का जेल का प्रावधान कर दिया था. राज्य सरकार की तरफ से इसमें सजा के प्रावधान को हटा दिया है.
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हेलमेट नहीं रहने परः हेलमेट नहीं रहने पर पहले 1000 रुपये या तीन महीने के लिए लाइसेंस सस्पेंड करने का प्रावधान था. राज्य सरकार ने इसमें बदलाव करते हुए लाइसेंस निलंबन के प्रावधान को हटा दिया है.
सीट बेल्ट नहीं लगाने परः सीट बेल्ट नहीं लगाने पर केंद्र सरकार की तरफ से 1000 रुपये के जुर्माने के साथ-साथ तीन महीने का लाइसेंस रद्द करने का प्रावधान था. सुधार के बाद अब सिर्फ जुर्माना होगा, लाइसेंस रद्द नहीं होगा.
ट्रिपलिंग करने परः 1000 रुपये जुर्माना या तीन महीने लाइसेंस रद्द करने का प्रावधान था अब सिर्फ जुर्माना होगा.
पैसेंजर ओवरलोडिंगः ओवरलोड होने पर पहले हर पैसेंजर पर 200 जुर्माना का प्रावधान केंद्र सरकार ने बनाया था. जो यथावत है.
गुड्स वाहन ओवरलोडः केंद्र सरकार की तरफ से 20,000 और प्रति टन 2000 रुपये जुर्माने का प्रावधान था. जिसे यथावत रखा गया है.
स्पीडिंग और रेसिंगः सड़क पर रेसिंग करनेवालों के लिए पहले केंद्र सरकार की तरफ से पहली बार 5000 रुपये या तीन महीने की सजा का प्रावधान था. जिसमें बदलाव करते हुए सिर्फ जुर्माना किया गया है.
जबरन हॉर्न बजाने परः जबरन हॉर्न बजाने पर पहली बार में 1000 और दूसरी बार में 2000 का जुर्माना लगेगा.
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