
Ranchi: भारत में हर साल सड़क दुर्घटना से सबसे अधिक मौतें होती हैं. सरकार ने इस पर लगाम लगाने की कोशिश में नये मोटर व्हीकल एक्ट को लागू किया. लेकिन समाज में कुछ ऐसे भी लोग है जो सरकार के नियम कानून से पहले खुद की सजगता में विश्वास रखते है.
भले ही कम लेकिन अब भी समाज में ऐसे लोग हैं. अल्लाउद्दीन असांरी भी इन्हीं में से एक हैं. पेशे से ऑटोचालक अल्लाउद्दीन पिछले पांच साल से मुफ्त एंबुलेंस सेवा दे रहे हैं. राजधानी रांची में चलने वाले हजारों ऑटो चालकों के बीच अल्लाउद्दीन को उनका ये प्रयास सबसे अलग बनाता है.
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अल्लाउद्दीन बताते हैं कि पिछले पांच साल से ये अपना ऑटो चला रहे हैं. और तब से ये अपने ऑटो के जरिये लोगों को मुफ्त एंबुलेंस सेवा दे रहे हैं. अल्लाउद्दीन अरगोड़ा दीपाटोली के पास रहते हैं. उनके दो बेटो और एक बेटी है. जो अब ग्रेजुएट हो चुके हैं.
किराये के ऑटो में लोगों को एंबुलेंस देना था मुश्किल
अल्लाउद्दीन बताते हैं कि वो 1993 से ऑटो चला रहे हैं. पहले वो किराये का ऑटो चलाते थे. आये दिन सड़कों में दुर्घटना देखते थे. लेकिन लोगों की मदद नहीं कर पाते थे. क्योंकि तब सड़क दुर्घटना में जख्मी व्यक्ति को अस्पताल ले जाने पर पहले पुलिसिया कार्रवाई होती थी.
इसी बीच फिल्म स्टार आमिर खान का सत्यमेव जयते शो आया. जिसमें एक एपिसोड सड़क दुर्घटना पर था. अल्लाउद्दीन के अनुसार, वे इस शो से काफी प्रभावित हुए. इसके बाद इन्होंने अपना ऑटो भी लिया.
इसी दौरान सुप्रीम कोर्ट का ऑर्डर आया, जिसमें सड़क हादसे में जख्मी व्यक्ति के अस्पताल पहुंचने पर पुलिस जांच से पहले इलाज करने का आदेश दिया. अल्लाउद्दीन ने कहा कि इन सब चीजों ने मुझे काफी प्रेरित किया. और यही कारण है कि उस वक्त से ये अपने ऑटो से लोगों को मुफ्त एंबुलेंस सेवा दे रहे है.
सप्ताह में दो-तीन मरीजों की करते हैं मदद
अपने बारे में बताते हुए अल्लाउद्दीन ने कहा कि कितने जख्मी लोगों को इन्होंने आज तक अस्पताल पहुंचाया, ये तो पता नहीं. लेकिन हर सप्ताह कम से कम दो से तीन मरीज को ये अस्पताल ले जाते है.
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अपनी पहली मुफ्त सेवा के बारे में बताते हुए कहा कि कटहल मोड़ के पहले इन्होंने एक व्यक्ति को मुफ्त एंबुलेंस सेवा दी थी.
रिजर्व में जाते हुए उन्होंने हादसे में जख्मी व्यक्ति को देखा.
अल्लाउद्दीन ने बताया कि बहुत से लोग ऐसा करने पर उन्हें पैसे देते है, क्योंकि लोग उनके ऑटो के पिछले लिखें फ्री एंबुलेंस फॉर इंजर्ड इन रोड एक्सीडेंट नहीं देखते.
दूसरे ऑटो चालकों ने नहीं ली प्रेरणा इसका है दुख
अल्लाउद्दीन ने बताया कि वो अरगोड़ा रोड में ऑटो चलाते है. इस रूट में लगभग 60 ऑटो चलते हैं. अल्लाउद्दीन ने बताया कि पांच साले से ऑटो चला रहे है. उनके साथी ऑटो चालक भी उनके इस कार्य से वाकिफ है. इसके बाद भी दूसरे किसी ऑटो चालक ने ऐसा प्रयास नहीं किया. इस बात का दुख है.
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