
Ranchi: सीएम आवास का घेराव करने जा रही आंगनबाड़ी सेविकाओं पर हुए लाठीचार्ज से उनमें काफी आक्रोश है. इन महिलाओं ने सरकार से मांग की है कि लाठीचार्ज करनेवाले पुलिसकर्मियों को बर्खास्त किया जाये. यदि सरकार उन पुलिसकर्मियों को बर्खास्त नहीं करती है तो आंदोलन और भी उग्र होगा.
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देवघर से आयी राखी देवी ने बताया की सीएम आवास घेराव करने जा रही महिलाओं पर हुए लाठीचार्ज से लगभग 12 महिलाओं को गंभीर चोट लगी है. इनमें से पांच अब भी इलाजरत हैं. जिन महिलाओं का इलाज चल रहा है उनमें सुजाता देवी, कर्मी कुमारी, किरण कुमारी, हुस्ना आरा और विनिता देवी हैं.
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अन्य महिलाओं को भी चोट लगी है. इलाज के बाद वे आंदोलनरत हैं. रेखा ने कहा कि महिला उत्थान की बात करनेवाली सरकार महिलाओं पर लाठीचार्ज कर रही है. बता दें कि मंगलवार को सीएम आवास का घेराव करने जा रही महिलाओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था.
आगे की रणनीति बनायी
झारखंड राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले महिलाएं आंदोलन कर रही हैं. मोर्चा की ओर से बताया गया कि बुधवार शाम महिलाएं अल्बर्ट एक्का चौक में मशाल जुलूस निकालेंगी. वहीं गुरुवार को शाम छह बजे अल्बर्ट एक्का चौक में ही मुख्यमंत्री रघुवर दास और कल्याण मंत्री डॉ लुईस मरांडी का पुतला दहन किया जायेगा.
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महिलाओं ने कहा कि रघुवर सरकार निरंकुश है. पढ़ी लिखी महिलाओं को बीच सड़क में मारा जा रहा है. सरकार की यह दमनकारी नीति है. रेखा देवी ने बताया कि पुलिसिया लाठीचार्ज के बाद घायल महिलाओं ने खुद इलाज कराया. सरकार की ओर से कोई पहल नहीं की जा रही है.
सात महिलाएं अब भी बैठी हैं अनशन पर
सात महिलाएं अब भी अनशन पर बैठी हैं. कुछ महिलाओं को दो दिनों के इलाज के बाद मंगलवार को ही आंदोलन स्थल लाया गया. जहां महिलाएं अब भी अनशन पर हैं. राज्य में आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका और पोषण सखी 21 अगस्त से आंदोलनरत हैं.
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कोडरमा से आ रही महिलाओं के साथ चरही में हुई दुर्घटना
बुधवार को कोडरमा से आंगनबाड़ी बहनों का एक समूह आंदोलन में शामिल होने निकला. महिलाएं बस से सुबह छह बजे निकलीं. जहां चरही में बस दुर्घटनाग्रस्त हो गयी. इसमें लगभग 50 से 60 महिलाएं शामिल थीं.
आंगनबाड़ी सेविकाओं ने बताया कि अभी कितनी महिलाएं घायल हुईं इसकी जानकारी नहीं है. लेकिन बस सवार महिलाओं का हजारीबाग में इलाज कराया जा रहा है. महिलाओं ने इस दुख को व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार अब भी नहीं सुन रही. महिलाएं कितनी तकलीफ में हैं.
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