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#Jharkhand की अलग-अलग जेलों में बंद 784 कैदियों को मिली जमानत

Ranchi : कोरोना संक्रमण का असर जेल में बंद कैदियों पर भी पड़ेगा. इस आशंका को देखते हुए 7 साल से कम की सजावाले कैदियों को समीक्षा के बाद रिहा करने का निर्णय लिया गया था. इसी निर्णय के बाद झारखंड के विभिन्न जिलों में 7 वर्ष तक के सजायाफ्ता 784 कैदियों को जमानत दी गयी है.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में उच्च स्तरीय कमेटी के निर्देश पर झालसा के सहयोग से सिविल कोर्ट से जमानत दी गयी है. मिली जानकारी के अनुसार, राज्य के सभी जिले के सिविल कोर्ट में 1,516 जमानत याचिका दायर की गयी. कई पहलू को देखने के बाद अदालत ने 784 सजायाफ्ता को जमानत देने का आदेश दिया है.

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जानिए कहां कितने कैदियों को मिली बेल

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष के दिशा-निर्देश के बाद राज्य की विभिन्न जिलों में सजायाफ्ताओं को चिन्हित कर सभी जिला के सिविल कोर्ट में 1516 जमानत याचिका दायर की गयी. सिविल कोर्ट से 784 सजायाफ्ता को जमानत दे दी गयी है, जिसमें बोकारो के 52, चाईबासा के 22, चतरा के 37, देवघर के 19, धनबाद के 49, दुमका के 20, गढ़वा के 12, गिरिडीह के 17, गोड्डा के 18, गुमला के 20, हजारीबाग के 21, जमशेदपुर के 119, जामताड़ा के 15, खूंटी के 42, कोडरमा के 06, लातेहार के 42, लोहरदगा के 03, पाकुड़ के 03, पलामू के 61, रामगढ़ के 24, रांची के 107, साहिबगंज के 09, सरायकेला के 56 और सिमडेगा के 09 कैदी शामिल हैं.

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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जमानत दी गयी

कोरोना वायरस को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने देशभर की जेलों में कैदियों की संख्या को कम करने के लिए राज्यों से उन कैदियों को पैरोल या अंतरिम जमानत पर रिहा करने के लिए विचार करने को कहा है जो अधिकतम 7 साल की सजा काट रहे हैं. सभी राज्यों को निर्देश दिया था कि 7 वर्ष तक के सजायाफ्ता को चिन्हित कर जमानत की सुविधा उपलब्ध करायी जा सकती है. उसी आदेश के बाद झारखंड में भी 784 सजायाफ्ता को जमानत की सुविधा उपलब्ध करायी गयी है.

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