Ranchi

झारखंड कांग्रेस ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर, रजिस्टर मजदूरों का खर्च रेलवे को भुगतान करेगा केंद्रीय नेतृत्व

  • कांग्रेस अध्यक्ष के निर्देश के बाद जिलावार हेल्पलाइन नंबर जारी करने डॉ रामेश्वर उरांव ने दिया निर्देश

Ranchi :  कांग्रेस अध्य़क्ष सोनिया गांधी के देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे प्रवासी श्रमिकों को आर्थिक मदद देने की बात पर झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी एक्टिव मोड में आ गया है. झारखंड कांग्रेस ने सभी जिलों में एक हेल्पलाइन नंबर जारी कर मजदूरों को रजिस्ट्रर करने की तैयारी शुरू कर दी है.

प्रदेश कांग्रेस अध्य़क्ष रामेश्वरउरांव ने कहा है कि झारखंड के प्रवासी श्रमिकों को सम्मान उनके घरों में पहुंचाने के लिए कांग्रेस पार्टी ट्रेन का खर्च वहन करेगी, इसके लिए प्रयास शुरू कर दिये गये हैं. सभी जिलों में हेल्पलाइन जारी की जा रही है, ताकि संबंधित जिला के मजदूर किन किन प्रदेशों में कितनी संख्या में फंसे हुए हैं.

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रजिस्टर किये गये सभी मजदूरों से जुड़ी सभी जानकारी दिल्ली केंद्रीय कांग्रेस को भेजी जाएगी. उसके बाद केंद्रीय नेतृत्व दूसरे राज्यों से अपने गृह राज्य लाने पर इन मजदूरों का सारा खर्च रेलवे को भुगतान करेगी.

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आर्थिक तंगहाली में पैसा वसूलना सही नहीं

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी द्वारा लगातार प्रवासी श्रमिकों को मदद मुहैय्या कराने की मांग केन्द्र सरकार से की जा रही थी.

जिसके बाद केंद्र सरकार द्वारा गाइडलाइन जारी किया और ट्रेन चलाने का निर्णय लिया गया. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने चार घंटे के शॉर्ट नोटिस पर पूरे देश में पूर्णतः लॉकडाउन का निर्णय लिया और 40 दिन से अधिक समय से लॉकडाउन में फंसे श्रमिकों के समक्ष खाने-रहने को लेकर भी गंभीर संकट की स्थिति उत्पन्न हो गयी है.

मजदूर आर्थिक तंगहाली में हैं. उनका पॉकेट खाली है, ऐसे में रेलवे द्वारा इन्हें घर पहुंचाने में भी किराया वसूलना सही नहीं है.

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केंद्र की अंसवेदनशीलता को दर्शाता है राशि वसूलना

एक प्रश्न के उत्तर में डॉ. उरांव ने कहा कि रेलवे द्वारा यह कहा जा रहा है कि मात्र 15 फीसदी भाड़ा ही लिया जा रहा है. जबकि सच्चाई यह है कि रांची और धनबाद में अब तक जो प्रवासी कामगार और छात्र-छात्राएं आयी हैं, उन सभी प्रत्येक यात्रियों से 800-800 रूपये की वसूली रेलवे द्वारा किया गया, यह केंद्र सरकार के असंवेदनशीलता को दर्शता है.

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खर्च उठाने का सोनिया गांधी ने दिया था निर्देश

बता दें कि देश के विभिन्न राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों को उनके गृह राज्य वापस भेजने के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलायी जा रही हैं. लेकिन इसके लिए उन्हें किराया चुकाना पड़ रहा है. इसे लेकर कांग्रेस अध्य़क्ष सोनिया गांधी ने गत सोमवार को बयान जारी कर मोदी सरकार पर निशाना साधा था.

उन्होंने कहा था कि विदेश में फंसे भारतीयों को मुफ्त में वापस लाया गया, जबकि देश के अन्य राज्यों में कार्यरत प्रवासी मजदूरों से किराया वसूला जा रहा है. लॉकडाउन को देखते हुए कांग्रेस पार्टी ने निर्णय लिया है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी की हर इकाई हर जरूरतमंद मजदूरों के घर लौटने की रेल यात्रा का टिकट खर्च वहन करेगी और जरूरी कदम उठाएगी.

हेल्पलाइन नंबर में संबंधित जिले के प्रवासी मजदूर को होंगे रजिस्टर

झारखंड कांग्रेस के प्रवक्ता लाल किशोर नाथ शाहदेव ने बताया है कि जिलावार हेल्पलाइन नंबर में संबंधित जिले के प्रवासी मजदूर को रजिस्टर होंगे. इन मजदूरों का नाम और रेलवे से घर आने के रेलवे का खर्च की राशि का विवरण केंद्रीय नेतृत्व को भेजा जाएगा. उसके बाद रेलवे को सारा भुगतान किया जाएगा.

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