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नौ सूत्री मांगों को लेकर सीसीएल गोविंदपुर फेज दो परियोजना का 22 फरवरी से चक्का जाम आंदोलन

Bermo: बेरमो अनुमंडल रैयत विस्थापित सहयोग समिति के सचिव नरेश राम महतो ने नौ सूत्री मांगों को लेकर 22 फरवरी से सीसीएल कथारा एरिया अंतर्गत गोविंदपुर फेज दो परियोजना अंतर्गत कोयले की आउटसोर्सिंग के अनिश्चित कालीन चक्का जाम आंदोलन को लेकर परियोजना पदाधिकारी को लिखित पत्र दिया है. पीओ को दिये गये पत्र की प्रतिलिपि कोल इंडिया के अध्यक्ष, सीसीएल के सीएमडी,सूबे के सीएम,श्रम एवं नियोजन मंत्री आदि को भेजी है.

सचिव के पत्र में वर्णित है कि वर्ष 1922 में अधिग्रहित जमीन जो वर्तमान में सीसीएल स्वांग कोलियरी के अधीन है, उस जमीन का जमीन विवरण के साथ रैयत के नाम प्रमाण पत्र दिया जाय, सीसीएल गोविंदपुर परियोजना हेतु वर्ष 1980 के नोटिफिकेशन के आधार पर अधिग्रहित जमीन से संबंधित जमीन विवरण के साथ रैयत के नाम प्रमाण पत्र दिया जाय, स्वांग-गोविंदपुर फेज दो से संचालित कोयला ट्रांसपोर्टिंग वाले जर्जर लोहा पुल की मरम्मत करते हुए नये पुल का निर्माण किया जाय,उक्त लोहा पुल से छिलका पुल तक के क्षतिग्रस्त सड़क को तत्काल मरम्मत करते हुए पीसीसी किया जाय, लोहा पुल से छिलका पुल तक कोयले की ट्रांसपोर्टिंग से होने वाले प्रदूषण को देखते हुए नियमित रुप से पानी का छिड़काव किया जाय, साथ ही लोहा पुल से छिलका पुल तक स्ट्रीट लाईट लगाया जाय,विस्थापित गांव गैरमजरूआ में सीसीएल द्वारा बिजली आपूर्ति किया जाय,स्वांग-गोविंदपुर फेज दो खुली खदान में 14 जूलाई 2023 से संचालित ऑउटसोर्सिंग के तहत काम करनेवाली कंपनी में राज्य सरकार की नियेजन संबंधी नियमावली के तहत 75 प्रतिशत नियोजन विस्थापितों को दिया जाय,ऑउटसोर्सिंग कंपनी में काम करने वाले सभी मजदूरों को केंद्र सरकार द्वारा निधार्रित न्यूनतम मजदूरी का भुगतान सहित सभी सुविधाएं लागू करवाया जाय,शामिल है.पत्र में सभी समस्याओं का समाधान यथाशीघ्र करते हुए समिति को सूचित करने की मांग की गयी है,अन्यथा समिति बाध्य होकर 22 फरवरी से अनिश्चितकालीन कोयला ट्रांसपोर्टिंग का चक्का जाम आंदोलन लोहा पुल से छिलका पुल के बीच में करेंगे,जिसकी पूर्ण जवाबदेही प्रबंधन की होगी.

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