
♦सीएम पहुंचे धुर्वा स्थित जगन्नाथ मंदिर, राज्य की समृद्धि और खुशहाली का मांगा आशीर्वाद
Ranchi : 329 सालों के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि कोरोना संक्रमण के कारण झाऱखंड के ऐतिहासिक जगन्नाथपुर रथ यात्रा का आयोजन नहीं हो सका है. हालांकि इसके बावजूद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने परिवार के सदस्यों के साथ राजधानी के धुर्वा स्थित जगन्नाथपुर मंदिर पहुंच पूजा अर्चना की.
इस दौरान उन्होंने भगवान जगन्नाथ से राज्य की समृद्धि और खुशहाली का आशीर्वाद भी मांगा. वहीं कोरोना संक्रमण के कारण मेले का आयोजन नहीं होने के फैसले के लिए उन्होंने भगवान जगन्नाथ से शीश झुका कर माफी भी मांगी. सीएम ने भगवान जगन्नाथ से समस्त राज्यवासियों पर अपनी कृपा बनाये रखने की विनती भी की. पूजा करने के दौरान मुख्यमंत्री के साथ उनके वरीय आप्त सचिव सुनील कुमार श्रीवास्तव, प्रेस सलाहकार अभिषेक प्रसाद भी मौजूद थे.
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कोरोना के कारण मेले को स्थागित रखना पड़ा
मंदिर में पूजा करने के बाद उन्होंने मीडिया से भी बातचीत की. सीएम ने कहा कि अभी पूरा देश कोरोना संक्रमण से प्रभावित है. इसे देखते हुए ही राज्य सरकार ने भारी मन से इस बार प्रभु जगन्नाथ के ऐतिहासिक रथ मेले को स्थागित करने का फैसला किया है. इसके लिए उन्होंने शीश झुका कर प्रभु से क्षमा भी मांगी है. उन्होंने कहा कि ऐसे तो पिछले कुछ महीनों में कई त्योहार आये और चले गये. यह त्योहार सभी धर्मों से जुड़ा था. लेकिन इसके बावजूद सरकार के निर्णय पर भावनात्मक सहयोग देते हुए समाज के हर वर्ग ने साथ दिया.
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जिला प्रशासन ने सीएम राहत कोष में सौंपे 5 लाख रुपये

कोरोना संक्रमण की स्थिति से निपटने में रांची जिला प्रशासन के कदमों की जानकारी देने के लिए डीसी राय महिमापत रे ने सीएम सोरेन से उनके आवास में मुलाकात की. इस दौरान रांची डीसी ने सीएम को मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 5 लाख रुपये का चेक सौंपा. कोरोना से निपटने के लिए जिला प्रशासन के इच्छुक कर्मियों ने अपने एक दिन का वेतन दिया है. इसी वेतन से जमा 5 लाख रुपये की राशि कोष में जमा की गयी है. बता दें कि इससे पहले भी रांची जिला प्रशासन ने बीते 29 मई को 21 लाख रुपये का चेक मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए सौंपा था. इसमें जिला प्रशासन के अधिकारियों और कर्मचारियों की ओर से स्वैच्छिक रूप से एक दिन के वेतन से जमा 8 लाख रुपये, जिला प्रशासन की ओर से सैनिटाइजर की बिक्री से मिले 3 लाख रुपये और जिले के सीबीएसई विद्यालयों से सहायता राशि के रूप में मिले 10 लाख रुपये शामिल हैं. जिला प्रशासन द्वारा दिये इस आर्थिक सहयोग के लिए सीएम ने सभी कर्मियों को धन्यवाद दिया. इसके देवघर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक डॉ सौरभ वार्ष्णेय ने भी मंगलवार को सीएम से शिष्टाचार मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने सीएम को सप्रेम पुस्तक भेंट की.
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