
Ranchi: गिरिडीह जिले के पचंबा पैक्स के मैनेजर संतोष यादव की अग्रिम जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट के आदेश के आलोक में राज्य के डीजीपी कोर्ट में सशरीर उपस्थित हुए. कोर्ट ने डीजीपी से कहा कि पुलिस थानों में 100 प्रतिशत स्वीकारोक्ति बयान आरोपियों का कैसे संभव है, अनुसंधान को सही सही दिशा में ले जाने के लिए पुलिस कर्मियों को ट्रेनिंग देने की जरूरत है. सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता राजीव रंजन भी कोर्ट के समक्ष उपस्थित थे. कोर्ट ने कहा कि एफआईआर दर्ज होने के बाद अनुसंधान सही तरीके से होना चाहिए. कोर्ट ने महाधिवक्ता का पक्ष सुनने के बाद संतोष यादव समेत एक अन्य आरोपी को अग्रिम जमानत प्रदान कर दी. हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति राजेश कुमार की कोर्ट ने मामले की सुनवाई की.
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इससे पहले गुरुवार को सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से कोर्ट को बताया गया था कि प्रार्थी इस मामले में निर्दोष है. अनुसंधान में भी उसकी कोई संलिप्तता नहीं पाई गई है इसलिए उसे अग्रिम जमानत दी जाए. दरअसल वर्ष 2022 में गिरिडीह के पचंबा पैक्स के द्वारा 800 क्विंटल धान खरीदा गया था. इस धन को मिल में नहीं भेजा गया था. जिसे लेकर गिरिडीह डीसी ने एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया था. मामले में पचंबा पैक्स के मैनेजर संतोष यादव समेत अन्य को आरोपी बनाया गया था. गिरिडीह डीसी ने पचंबा पैक्स के द्वारा खरीदे गए 800 क्विंटल धान को मिल में नहीं भेजे जाने को धान का गबन माना है.




