
Ranchi: वर्ष 2021 में मधुपुर विधानसभा उपचुनाव के दौरान भाजपा सांसद निशिकांत दुबे पर गलत ट्वीट करने एवं बयानबाजी करने को लेकर दर्ज चार प्राथमिकी को निरस्त करने को लेकर दाखिल याचिका की सुनवाई शुक्रवार को झारखंड हाई कोर्ट में हुई. मामले में हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अनिल कुमार चौधरी की कोर्ट ने सांसद निशिकांत दुबे के खिलाफ दर्ज चार एफआईआर को निरस्त कर दिया. प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता प्रशांत पल्लव और पार्थ जालान ने पैरवी की.
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बता दें कि निशिकांत दुबे पर गलत ट्वीट करने एवं बयानबाजी को लेकर देवघर टाउन थाना में प्राथमिकी दर्ज हुई थी. याचिका में प्रार्थी की ओर से कहा गया है कि घटना के छह महीने के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई है. दरअसल, मधुपुर उपचुनाव के दौरान कि निशिकांत दुबे पर कुल चार प्राथमिकी मधुपुर सबडिवीजन के अलग-अलग थानों में की गई थी. प्रार्थी का कहना था कि प्राथमिकी में जो सेक्शन लगाए हैं उसमें सिर्फ कंप्लेंट केस हो सकता है एफआईआर नहीं. बता दें कि मामले को लेकर देवघर टाउन थाना में कांड संख्या 527/2021 दर्ज किया गया था. निशिकांत दुबे पर गलत ट्वीट करने का आरोप था.




