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नियमावली बनाने और संशोधन में गुजरा साल, नहीं हो सकी शिक्षकों की नियुक्ति, न हुई पात्रता परीक्षा

वर्षांत 2021 : स्कूली शिक्षा

Ranchi : राज्य सरकार की स्कूली शिक्षा में उपलब्धियों की बात करें तो नयी नियुक्तियों कि जगह नियमावली बनाने और उसमें संसोधन करने में ही गुजर गया. पर ऐसा भी नहीं है कि राज्य सरकार ने काम नहीं किया. सालों से स्थायीकरण और वेतनमान के लिए आंदोलन करनेवाले पारा शिक्षकों को नयी नियमावली की सौगात मिली. शिक्षक पात्रता परीक्षा की नियमावली में संशोधन किया जा चुका है.

वहीं 124 हाइस्कूल नये साल में प्लस टू स्कूल में तब्दील हो जायेंगे. इसकी विभागीय अनुमति मिल चुकी है. शिक्षक नियुक्ति से संबंधित पांच नियुक्ति नियमावली को स्वीकृति दी गयी.

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तीन नियमावली संशोधित, दो नयी बनायी गयी

Sanjeevani
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वर्ष 2021 में सरकार ने कुल पांच नियुक्ति नियमावली में संशोधन करने के साथ नयी नियमावली बनायी. इसमें तीन में संशोधन किये गये हैं. वहीं दो नयी नियुक्ति नियमावली बनायी गयी.

कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, मॉडल विद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए नियमावली तैयार की गयी है. सरकार के निर्णय के अनुरूप सभी नियमावली में झारखंड से मैट्रिक व इंटर की परीक्षा पास होना अनिवार्य किया गया है. आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए प्रावधान के अनुरूप इस नियम को शिथिल किया गया है.

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124 हाइस्कूल बनेंगे प्लस टू

वर्तमान सरकार ने अपने दो साल के कार्यकाल में 124 हाइस्कूल को प्लस टू स्कूल में बदलने की मंजूरी दी गयी है. इसके अलावा सरकार ने कक्षा नौ से 12 वीं तक के छात्रों को भी किताब व पोशाक देने का निर्णय लिया है.

कक्षा नौ व दस के छात्रों को किताब इस वर्ष से ही दी जा रही है, वहीं कक्षा 11वीं व 12वीं के छात्रों को किताब देने के प्रस्ताव को विभागीय स्तर पर सहमति मिल गयी है.

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जेटेट नियमावली में संशोधन हुआ पर नहीं हो पायी परीक्षा

झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा नियमावली 2019 में भी संशोधन किया गया है. नियमावली में विभिन्न विषयों के अंक के प्रावधान में बदलाव किया गया है. इसके अलावा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों के लिए पास मार्क्स भी कम किया गया है. झारखंड से मैट्रिक व इंटर की परीक्षा पास होना भी अनिवार्य किया गया है.

इतने बदलाव करने के बाद भी दो साल में पात्रता परीक्षा नहीं ली जा सकी. शिक्षक नियुक्ति के लिए नियमावली तो बनी पर घोषणा तक ही सीमित रह गयी.

कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय के अलावा राज्य सरकार के किसी भी स्कूल में नियुक्ति का विज्ञापन जारी नहीं किया जा सका.

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