
Delhi Bureau
NEW DELHI: भारत में बेशक कोरोना की दूसरी लहर कम पड़ गई हो लेकिन खतरा टला नहीं है. कोरोना वायरस के डेल्टा वैरिएंट के सामने आने के बाद तीसरी लहर का खतरा कहीं न कहीं मंडरा रहा है. इस बीच कोरोना के मामलों से जुड़े जो आंकड़े सामने आ रहे हैं, वो भी खतरे का संकेत दे रहे हैं.
स्वयं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन स्पष्ट कर चुके हैं कि अभी दूसरी लहर खत्म नहीं हुई है और हमें सावधान रहने की जरूरत है. आंकड़े भी अब कुछ यही कह रहे हैं. पिछले तीन दिनों के अंदर देश में कोरोना के मामले बढ़े हैं. भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस से 48,878 लोग संक्रमित हुए और 991 लोगों की मौत हुई.
बीते बुधवार को 45,951 और मंगलवार को देश में कोरोना वायरस के 37,566 नए मामले सामने आए थे अचानक देश में कोरोना के मामलों में उछाल आया है. अगर ऐसे में लापरवाहियां जारी रहीं तो ये घातक साबित हो सकती हैं. कहीं ये तीसरी लहर का संकेत तो नहीं है.
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हालांकि, खतरा है फिर भी लोग मानते को तैयार नहीं. देश भर से जो तस्वीरें सामने आ रही है उससे साफ है कि लोग फिर से बाजारों में बिना मास्क और बिना सोशल डिस्टेंसिंग के घूम रहे हैं. इस बीच वैरिएंट ऑफ कंसर्न घोषित किए जा चुके डेल्टा वैरिएंट और कोरोना की तीसरी लहर को लेकर कोविड टास्क फोर्स के चीफ डॉ. वीके पॉल साफ कह चुके हैं कि, तीसरी लहर का आना या न आना हमारे हाथ में है. इसमें कोरोना उचित व्यवहार मायने रखता है. उन्होंने कहा कि देश में मौजूद डेल्टा वैरिएंट का अप्रत्याशित व्यवहार भी महामारी की तस्वीर को बदल सकता है.
मेदांता अस्पताल के चेयरमैन और प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. नरेश त्रेहन ने भी कहा है कि कोरोना वायरस को गंभीरता से लेना होगा. बाजार में बिना मास्क के घूमने और लापरवाही बरतने से डॉक्टर्स के लिए काफी मुश्किल होगी. उन्होंने कहा कि कई जगहों पर लोग कोरोना प्रोटोकॉल को फॉलो नहीं कर रहे हैं.
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