
DESK: बिहार में सुशासन सरकार का वंशवाद कब खत्म होगा इसका कोई हिसाब नहीं हैं. ताजा मामला भागलपुर जिले का है. जहां जदयू विधायक के बेटे ने 1 साल में बनने वाले सड़क और पुल को 5 साल में भी नहीं बनाया. इसके लिए उसे 2 बार ब्लैक लिस्टेड भी किया गया. लेकिन कोई ना कोई तिगड़म से सरकार ने उसे एक्सटेंशन दे दिया.
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दरअसल खुद को नीतीश कुमार का करीबी बताने वाले गोपालपुर से जदयू विधायक नरेंद्र कुमार नीरज उर्फ गोपाल मंडल के बेटे पर गंभीर आरोप लगे हैं. कहा जा रहा है कि गोपाल मंडल के बेटे तरुण कुमार को ग्रामीण कार्य विभाग का ठेका दिया गया था. ये ठेका उन्हें वहीं दिया गया जहां उनके पिता विधायक हैं. ऐसे में जो सड़क और पुल निर्माण का कार्य उन्हें 1 सला में बनाना था, वह पांच साल में पूरा नहीं हुआ. लेकिन फिर भी सरकार की कृपा लगातार बरस रही है. स्थानीय अधिकारियों ने दो-दो दफे उन्हें ब्लैकलिस्टेड करने का प्रस्ताव भेजा लेकिन सब हवा हो गया.
आपको बता दें कि ये सड़क और पुल भागलपुर के इस्माइलपुर प्रखंड में लक्ष्मीपुर से गोनरचक तक बननी थी. जहां सड़क पर पुल और उसके दोनों ओर एप्रोच रोड का निर्माण होना था. इसके लिए पांच साल पहले 2016 में ही ग्रामीण कार्य विभाग ने टेंडर निकाला था. चूंकि क्षेत्र विधायक जी का था, तो काम उनके बेटे तरूण कुमार नीरज को मिला. कैसे मिल गया, ये मत पूछिये.
आपको बता दें कि सरकार द्वारा निकाले गये इस टेंडर के मुताबिक कुल 3 करोड़ 32 लाख की लागत से 54 मीटर लंबा पुल और उसके दोनों तरफ 280 मीटर लंबा एप्रोच पथ का काम करना था. इस काम को एक साल में पूरा कर लेना था. सरकार ने 10 अप्रैल 2017 तक पूरा करने का टारगेट दिया था. लेकि आज तक पुल नहीं बन सका है.
तो वहीं इस दौरान सबसे दिलचस्प बात ये रही कि विधायक गोपाल मंडल ने खुद दो-दो दफा इस कार्य का शिलान्यास किया. लेकिन ठीक से पूरा एक भी नहीं हो पाया. उधर इस पर खूद विधायक जी ने कोई बयान नहीं दिया लोकिन अपने पीए से कहलवा दिया कि जहां पुल बनना है वहां पानी जमा है. पानी निकल जायेगा तो काम हो जायेगा.
ऐसे में इस पूरे मामले में एक बात तो साफ है कि कहीं ना कहीं इस कार्य में एक बड़ा झोल है जो विधायक जी उजागर नहीं होने देना चाहते.




