
Brajesh Mishra:
जी हां, हम बात कर रहे हैं झारखंड के साहेबगंज जिलांतर्गत बोरियो प्रखंड का चम्पा पहाड़ गांव की. यहां की एक बेटी को 8 साल पहले दलालों ने दिल्ली में ले जाकर बेच दिया. उसके साथ कुछ और लड़कियों को भी दिल्ली ले जाया गया था, जो वहां से वापस आ गईं. लेकिन, पहाड़िया परिवार की वो बेटी आज तक वापस नहीं आई.
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दलालों के चक्कर में फंस जाते हैं गांव के लोग
आपको बताते चलें कि पहाड़ी पर रहने वाले लोग रोजमर्रा की चीजों की खरीद बिक्री के लिए नीचे हटिया (हाट बाजार) में आते हैं और दलालों के चक्कर में फंस जाते हैं. हैरत की बात है कि पड़ोस या उसी गांव के रहने वाले लोग भी अपने आसपड़ोस की बेटियों का सौदा करने से परहेज नहीं. उस बेटी के भाई के अनुसार,वहीं की रहने वाली तारा नाम की एक महिला ने बहला-फुसलाकर कुछ लड़कियों को काम दिलाने के नाम पर दिल्ली भेजी थी, जिसमें उसकी बहन भी थी.
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पहाड़िन बेटी को ढूंढ़ लाने में मदद करें
परिवार वाले उस बेटी की उम्र पूछने पर बताते हैं कि यही कोई 16-17 साल की रही होगी. बेटी के लौटने की आस देख रही माँ भी अब इस दुनियां में नहीं रही और बाप भी लकवाग्रस्त है. सवाल है कि बोरियो थाना प्रभारी को इसकी सूचना दी गई है, फिर भी उनके द्वारा इसपर कोई पहल नहीं हुई है.
वीडियो वालंटियर्स की कम्युनिटी रिपोर्टर शिखा पहाड़िन ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया है. जिसमें वे अपील करते हुए नजर आ रही हैं कि कोई उस बेटी को ढूंढ़ लाने में मदद करें.
आप भूले नहीं होंगे उस वीभत्स घटना कि कुछ माह पूर्व ही रांची जिले का लापुंग प्रखंड से एक बेटी को दिल्ली में बेचा गया था और उसकी लाश के टुकड़े-टुकड़े बाहरी दिल्ली के किसी इलाके की नाली में मिले थे.
आइए, दुआ करें इस पहाड़िन बेटी के सकुशल वापसी की.
बचपन बचाओ आंदोलन




