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Opinion

पूरे प्रकरण से साबित होता है कि निशिकांत दुबे सामंती दर्प के शिकार हैं

Faisal anurag : देश के कई हिस्सों में अनेक ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिससेलोकतंत्र और देश शर्मसार हुआ है. ऐसा लग रहा है कि भारत को तेजी से मध्यकालीन समाज की तरफ ले जाया जा रहा है. सामंती मूल्यों को पूरी बेशर्मी से न्यायसंगत ठहराने की कोशिश की…

संघ की बुनियादी सोच का अनुष्ठान

Lalit Garg राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सोमवार से दिल्ली के विज्ञान भवन में तीन दिन का विचार अनुष्ठान शुरू हो रहा है. ‘भविष्य का भारत: राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का दृष्टिकोण’ विषयक इस अनुष्ठान में राष्ट्रीय मुद्दों पर संघ के विचारों, उसके…

क्या तीन बैंकों के विलय से बनेगी बात ?

Girish Malviya वित्तमंत्री जेटली ने जो कहा है कि सार्वजनिक क्षेत्र के तीन बैंकों-बैंक ऑफ बड़ौदा, विजया बैंक और देना बैंक का आपस में विलय किया जाएगा, यह भारतीय अर्थव्यवस्था पर बढ़ते NPA का ही परिणाम है. पानी अब ठीक नाक तक आ पहुंचा है.…

एयरलाइंस कंपनी जेट एयरवेज कर्ज डुबायेगी, देगी देश की अर्थव्यवस्था को झटका!

 Girish malviya विजय माल्या की किंगफ़िशर एयरलाइंस की तरह एक ओर एयरलाइंस कंपनी कर्ज डुबोकर तगड़ा झटका देने जा रही है. लेकिन न खाउंगा ने खाने दूंगा की बात करने वाले उसे करदाताओं के पैसे से भरपूर खुराक खिला रहे हैं. हम बात कर रहे हैं जेट…

क्या माल्या से मुलाकात का ब्यौरा जेटली संसद को देंगे ?

Girish Malviya विजय माल्या ने जो लंदन आने से पहले अरुण जेटली से हुई मुलाकात के बारे में कहा है वह अब एक ओपन ट्रूथ है, बहुत से लोगों को लगता है कि माल्या के मुद्दे पर राहुल गांधी जो जेटली के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, वह सिर्फ राजनीतिक…

क्या 28 सितंबर 2018 को भारत का बाजार फिर से रुक जाएगा

Rajesh Kumar Das चेंबर जैसी व्यापारिक संस्थाएं कालिदास की तरह उसी टहनी को ना काटे जिसमें वे खुद छोटे व्यापारियों के साथ बैठे हुए हैं. राजनीतिक पार्टियों की अति-मुग्धता से खुद को दूर करे और बुनियादी व्यापारिक मुद्दों पर काम करें अन्यथा…

कॉरपोरेट लूट में फंसा धरती आबा का देश

Srijan Kishore हाल ही में बिहार-झारखंड के क्षेत्रीय न्यूज चैनल्स और अखबारों में यह खबर आई है कि बरसात के दिनों में वहां के गावं वालों ने तकरीबन नौ एकड़ जमीन में धान रोपा था, जिसे अडानी ग्रुप द्वारा बिना किसी प्रायः सूचना के जेसीबी मशीन से…

न्यू नॉर्मल दौर में फोटोशॉप सरकार

Faisal Anuraag न्यू नॉर्मल मैथमैटिक्स के हिसाब से 80.73 और 71.41 और 72.83 व 56.71 से कम होता है. न्यू नॉर्मल तो यही है कि झूठ को सच की तरह प्रचारित किया जाए और जनता के मन में भ्रम पैदा करने की कोशिश की जाए. जब पूरी प्रणाली को ही फोटोशॉप…

सुनिए मैं धनबाद बोल रहा हूं…मैं बेहद दुखी हूं…

Ranjan Jha मैं हूं धनबाद..देश की कोयला राजधानी भी मेरा नाम किसी ने दिया...राजधानी मतलब हर तरह की सुविधाओं से संपन्न एक शहर...अगर आपके दिमाग में ऐसी बात है तो इसे निकाल दें... यहां तो सांस लेने के लिए शुद्ध हवा भी नहीं मिलेगी, यहां पानी…

घर भारत है और गृहिणी मोदी सरकार, फिर भी GST में नहीं कोई सुधार

Girish Malviya चलिए, आज एक घर की कल्पना करते हैं, जिसमें एक गृहिणी बहुत मुश्किल में है. उसके महीने का बजट 10 हजार था लेकिन उसने महीने की शुरुआत के पांच दिनों में ही 5500 रुपये खर्च कर दिए है. और समस्या यह भी है कि बाहर से जो आम जरूरत का…