
Ranchi: 16 अगस्त को स्व.अमिताभ चौधरी की पुण्यतिथि झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (जेएससीए) के स्तर से मनाया जाना तय था. उसकी ओर से इस दिन स्टेडियम परिसर में पुण्य तिथि हिंदू-रीति रिवाज से मनाए जाने का कार्यक्रम था जिसका अमिताभ के बेटे अभिषेक चौधरी ने कड़ा विरोध किया है. इस संबंध में अभिषेक चौधरी ने रांची डीसी व एसएसपी को पत्र लिखकर इस कार्यक्रम पर रोक लगाने को कहा. इसके बाद डीसी ने अभिषेक को आश्वस्त किया है कि इस तरह का कोई भी कार्यक्रम जेएससीए में नहीं होने दिया जाएगा. साथ ही एक मजिस्ट्रेट को पुलिस बल के साथ भेजा जाएगा. प्रशासन ने जेएससीए को स्पष्ट रूप से निर्देश दिया है कि उनके लिए इस तरह के धार्मिक अनुष्ठान और गतिविधि करना अवैध है. उन्होंने जेएससीए को अपने खर्च पर बनारस से बुलाए गए एक पंडित को वापस भेजने का आदेश दिया है.
उन्होंने आगे यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि कोई भी अवैध धार्मिक गतिविधि न हो. जिला प्रशासन ने पुलिस बल के साथ एक मजिस्ट्रेट तैनात करने का भी आदेश दिया. साथ ही निर्देश दिया है जेएससीए के सभी सदस्यों को सूचित करें कि हवन, पूजा आदि का प्रस्तावित कार्यक्रम का निषेध प्रशासन द्वारा किया गया है. आशा की जाती है प्रशासन के आदेश का पालन होगा.
पत्र लिखने को हुए बाध्य
अभिषेक चौधरी के मुताबिक झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (जेएससीए) फिर से 16 अगस्त को उनके पिता अमिताभ चौधरी की पुण्य तिथि के अवसर पर हिंदू कानून और सार्वजनिक नैतिकता के सभी नियमों को ताक पर रखकर, सभी धारणाओं के विपरीत धार्मिक गतिविधि के संचालन के कार्यक्रम में लगा है. इस संबंध में उन्हें रांची डीसी और एसएसपी को लिखने के लिए बाध्य होना पड़ा. अभिषेक के मुताबिक अब एक नारियल भी जेएससीए नहीं फोड़ सकता है.
गौरतलब है कि जेएससीए परिसर में दिवंगत अमिताभ चौधरी की गोल्ड/मार्बल की भव्य प्रतिमा लगाए जाने का उनके परिवार वालों ने कड़ा विरोध किया है. जेएससीए की इस प्लानिंग को लेकर दिवंगत अमिताभ के बेटे अभिषेक चौधरी ने लीगल नोटिस भी जेएससीए सेक्रेटरी को भेजी है. नोटिस में कड़ी आपत्ति जताते हुए कई सवाल भी खड़े किए हैं. अभिषेक ने जेएससीए को 7 दिनों के भीतर जवाब देने को कहा है. अभिषेक ने पूछा है कि आखिर किसने कहने पर स्टैच्यू लगाने की प्लानिंग हो रही है. उनके पिता इस तरह के आडंबर से हमेशा दूर रहे. जीवित रहते हुए भी उन्होंने इस तरह के महिमामंडन का विरोध किया. करोड़ों रुपए खर्च कर उनकी प्रतिमा लगाना उनके आदर्शों का उपहास करना होगा.
अभिषेक चौधरी ने कहा कि जेएससीए ने अपने इस कदम को लेकर परिवार वालों से बातचीत नहीं की. उनके जीवित उत्तराधिकारियों, परिजनों की जानकारी एवं अनुमति के बगैर दिवंगत अमिताभ चौधरी की प्रतिमा लगाना व्यक्तिगत संपदा का हनन है. यह उनकी निजता का उल्लंघन है. इसके साथ ही साथ यह परिवार, उनकी विरासत उनके बौद्धिक उत्तराधिकार का हनन है. जिस व्यक्ति के लिए कर्म ही पूजा था. कार्य के प्रति उनकी एकनिष्ठा एवं समर्पण अद्भुत था, उनकी पुण्यतिथि पर इस तरह की प्रतिमा लगाए जाने की घोषणा करना उनकी स्मृति को आभाहीन एवं धूमिल करने का प्रयास है.
क्या है मामला
जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम में दिवंगत अमिताभ चौधरी की भव्य प्रतिमा लगाने की तैयारी जेएससीए प्रबंधन कर रहा है. इसके साथ ही अमिताभ चौधरी पवेलियन की लॉबी में स्वर्ण जड़ित फ्रेम में उनकी यादों को संजोए जाने की प्लानिंग है. इस काम के लिए लगभग दो करोड़ रुपए खर्च होने हैं. दिसंबर तक इस काम को पूरा करना है. प्रतिमा की ऊंचाई लगभग 12 फीट की होगी. वहीं पवेलियन लॉबी में 13 फीट चौड़ी और नौ फीट ऊंची 24 कैरेट गोल्ड लगा फ्रेम लगना है. इसे लेकर 16 अगस्त को मैनेजमेंट कमिटी की बैठक होनी है. मैनेजमेंट कमिटी के एजेंडा नंबर तीन में इस बात की जिक्र है कि इस काम के लिए जो खर्च होगा, उस पर मंथन होता और रिव्यू होता.
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