
- सोमवार को निकलेगा मशाल जुलूस
Koderma: नये कृषि कानूनों के खिलाफ 8 दिसम्बर को आयोजित भारत बंद की सफलता के लिए वामपंथी व विपक्षी पार्टियों ने कमर कस ली है. तैयारी के लिए रविवार को एक्सीलेंट होटल मे विभिन्न राजनीतिक दलों व सामाजिक संगठनों की बैठक हुई. बैठक की अध्यक्षता सिविल सोसाइटी के संयोजक उदय द्विवेदी ने किया, जबकि संचालन किसान सभा के असीम सरकार ने किया.
बैठक मे भारत बंद की सफलता के लिए रणनीति बनाई गई और सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि बंद की पूर्व संध्या पर कला मंदिर से झंडा चौक तक मशाल जुलूस निकालने व बंद के समर्थन मे ऑटो से प्रचार प्रचार कर चौक चौराहे पर नुक्कड़ सभा आयोजित किया जायेगा.
बैठक मे विभिन्न पार्टी के नेताओं ने कहा कि किसानों के भारत बंद को समाज के सभी वर्गों का समर्थन मिल रहा है. देश के लाखों किसान पिछले 10 दिनों से दिल्ली के बाहरी सीमा पर आंदोलनरत है, इन किसानों को केंद्र सरकार दिल्ली पहुंचने पर रोक लगा दिया है. सरकार की इस जनविरोधी कदम की कड़ी निन्दा करते हैं.
वक्ताओं ने कहा कि सरकार अब किसानों के उपज के साथ-साथ उनके जमीन को भी कॉरपोरेट और बड़े पूंजीपतियों के हवाले कराना चाहती है. किसानों के फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य भी साजिश के तहत छीनना चाहती है, जो गलत है. इसीलिए किसान मांग कर रहे हैं की तीनों काला कृषि कानून और बिजली कानून 2020 अविलंब वापस लिया जाए.
किसानों के फसलों के लिए स्वामीनाथन कमेटी की अनुशंसा के अनुरूप न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया जाए. किसानों के समर्थन मे हम पूरी मुस्तैदी से सड़कों पर उतरेंगे. नेताओं ने छात्र, युवाओं, मजदूर, किसानों, बुद्धिजीवियों और व्यवसायियों से बंद मे शामिल होने की अपील की.
बैठक मे सीपीएम राज्य सचिवमंडल सदस्य संजय पासवान, सीपीआई जिला कमिटी सदस्य बीरेंद्र यादव, अर्जुन यादव, कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष मनोज सहाय पिंकु, सईद नसीम, परेश कुमार सिन्हा, तुलसी मोदी, लक्ष्मण विश्वकर्मा, राष्ट्रीय जनता दल के राहुल यादव, आम आदमी पार्टी के नेता दामोदर यादव, जीतेन्द्र राय, राजकुमार सिंह, सिविल सोसाइटी के चरणजीत सिंह, धीरज यादव, जाहिद हुसैन, निर्माण मजदूर यूनियन के नेता प्रेम प्रकाश आदि शामिल थे.




