
Deepak
Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची में एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बन रहे विभिन्न सरकारी भवनों का काम रामकृपाल कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड की तरफ से किया जा रहा है. इसमें झारखंड हाईकोर्ट का नया भवन, झारखंड विधानसभा, विस्थापितों का आवास, रविंद्र भवन प्रमुख है.
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हाईकोर्ट ने नये भवन की बढ़ी हुई लागत पर सरकार को कठघरे में शामिल भी किया है. यहां यह बताते चलें कि अधिकतर सरकारी कामों को रामकृपाल कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड की तरफ से सबलेट कर दिया गया है. राजधानी के रियल इस्टेट का काम करनेवाले गुड्डू सिंह को यह काम दे दिया गया है.
कुटे में बन रहा विस्थापितों का आवास
गुड्डू सिंह को दिये गये काम में कोर कैपिटल एरिया के कुटे स्थित 57 एकड़ में बन रहे विस्थापितों का आवास भी शामिल है. 212 करोड़ की लागत वाला यह काम कंपनी को मिला हुआ है. सरकार के भवन निर्माण विभाग की तरफ से इसके लिए समझौता भी किया गया है. 2016 में शुरू हुई योजना में एचइसी के विस्थापितों के लिए 400 फ्लैट बनाये जा रहे हैं. दिसंबर 2018 में परियोजना को पूरा किया जाना है.
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क्या-क्या बन रहा है विस्थापित आवास में
विस्थापितों के आवास में 400 डबल स्टोरीड मकान बनाये गये हैं. हर यूनिट का आकार 2700 वर्ग फीट है. इसमें 1250 वर्ग फीट का बंगला भी शामिल है. चार मंजिला आवास के अलावा प्राथमिक विद्यालय, सामुदायिक भवन, खेल का मैदान, शॉपिंग कांपलेक्स, पांच पार्क, सिवरेज-ड्रेनेज व्यवस्था और कालोनी के अंदर 12.5 मीटर चौड़ी सड़क बन रही है. 2016 में इस योजना का शिलान्यास सांसद रामटहल चौधरी, हटिया विधायक नवीन जायसवाल, खिजरी के विधायक रामकुमार पाहन ने किया था. योजना का क्रियान्वयन भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता पीके सिंह कर रहे हैं.
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क्या कहते हैं प्रोजेक्ट इंचार्ज
योजना में रामकृपाल कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्रोजेक्ट इंचार्ज केपी शर्मा का कहना है कि सरकार को दिसंबर 2018 में विस्थापित आवास हैंड ओवर कर दिया जायेगा. योजना में मुख्य कर्ता-धर्ता कंपनी ही है. हां, भाई-भतीजा और सगे-संबंधियों को कई काम दिये गये हैं, ताकि समय पर योजना को पूरा किया जा सके.
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