
Ranchi: जेपीएससी अपनी कार्य प्रणाली को लेकर हमेशा चर्चा में बना रहता है. एक बार फिर जेपीएससी सीमित अपर समाहर्ता परीक्षा को लेकर चर्चा में है. तीन माह के भीतर जेपीएससी ने दो सीमित अपर समाहर्ता परीक्षा ली है. जिसमें 20 सवाल हुबहू पूछे गये हैं.
जेपीएससी की ओर से 3 जनवरी को पहली सीमित अपर समाहर्ता परीक्षा ली गयी. इससे पहले 20 अक्टूबर को पांचवीं सीमित अपर समाहर्ता परीक्षा ली गयी थी. तीन जनवरी को होने वाले सीमित अपर समाहर्ता परीक्षा में 20 ऐसे प्रश्न पूछे गये थे जो 20 अक्टूबर के सीमित अपर समाहर्ता परीक्षा में पूछे जा चुके थे.
इसे भी पढ़ें- #NirbhayaCase: फांसी से बचने के लिए नया ड्रामा, दोषी विनय ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की क्यूरेटिव पिटीशन
आपस में मिलते हैं सी-सेट के सवाल
इस संबंध में पहली सीमित अपर समाहर्ता परीक्षा में शामिल उम्मीदवारों ने बताया कि कई लोग ऐसे हैं, जिन्होंने केवल पहली सीमित परीक्षा दी है. जबकि कई लोग पांचवीं सीमित परीक्षा में भी शामिल हुए हैं.
ऐसे में क्वेश्चन के हुबहू पूछे जाने से वैसे उम्मीदवारों को लाभ मिलेगा जो दोनों ही परीक्षाओं में शामिल हुए हैं. परीक्षा में शामिल उम्मीदवारों ने बताया कि दोनों ही सीमित अपर समाहर्ता परीक्षा के क्वेश्चन पेपर के सेट-सी के सवाल आपस में मिलते हैं.
इसे भी पढ़ें- हाल स्टील सिटी बोकारो काः गंदगी से फैली महामारी तो जिम्मेदार कौन? सरकार, BJP MP-MLA, जिला प्रशासन या BSL
पूरी तरह मिलते हैं 20 प्रश्न
पांचवीं सीमित अपरसमाहर्ता परीक्षा के सेट-सी का प्रश्न संख्या 42 पहली सीमित अपर समाहर्ता परीक्षा के सेट सी के प्रश्न संख्या 29 से हुबहू मिलता है. इसी तरह पांचवीं सीमित अपर समाहर्ता परीक्षा का प्रश्न संख्या 43, पहली सीमित परीक्षा के प्रश्न संख्या 18 से मिलता है.
अन्य प्रश्न संख्या की बात करें तो पांचवीं सीमित उपरसमाहर्ता परीक्षा का प्रश्न संख्या 44, 45, 46, 47, 48, 49, 50, 51, 52, 53, 54, 55, 56, 57, 58, 59, 60, 61 और 62 पहली सीमित अपर समाहर्ता परीक्षा के प्रश्न संख्या 23, 26, 13, 33, 24, 12, 15, 28, 19, 11, 17, 14, 20, 22, 16, 27, 25 व 21 से पूरी तरह से मिलता है.
इसे भी पढ़ें- बकोरिया कांड: CBI जांच में पुलिस के खिलाफ मिले साक्ष्य, कोबरा अफसरों और जवानों से होगी पूछताछ
विवादों में रहा पहली सीमित अपर समहर्ता परीक्षा
गौरतलब है कि इस परीक्षा को साल 2005 में लेना था. लेकिन 3 जनवरी से पहले इसे चार बार रद्द कर दिया गया था. इस परीक्षा को जेपीएससी इसी साल नवंबर में भी रद्द कर चुका है. पहली बार इस परीक्षा के लिए साल 2005 में 50 पदों के लिए विज्ञापन निकाला गया था.
आवेदन के बाद 23 अप्रैल 2006 को रांची के 14 केंद्रों में परीक्षा ली गयी. इस परीक्षा में तब 8 हजार के करीब उम्मीदवार शामिल हुए थे. तब क्वेश्चन पेपर लीक हुआ था. जिसकी जांच रिपोर्ट के आधार पर राज्यपाल ने परीक्षा होने के छह साल बाद 12 जून 2013 को परीक्षा ही रद्द कर दी. इसके बाद 29 अप्रैल 2017 को परीक्षा लेने का निर्णय लिया गया. लेकिन इस तारिख को भी कुछ कारणों से रद्द कर दिया गया था.




