
Ranchi: जाहिर तौर पर सरकार को चलाने की जिम्मेदारी विभाग के सचिवों के पास होती है. आइएएस सर्विस गाइडलाइन की बात करें तो उसमें साफ तौर इस बात का उल्लेख है कि साधारणतय कोई भी आइएएस अधिकारी तीन साल तक एक पद पर बना रह सकता है.
यह समय सीमा दो साल भी हो सकती है. लेकिन झारखंड सरकार में ऐसे भी आइएएस हैं, जो तीन साल से एक ही पद पर बने हैं.
हालांकि ऐसे आइएएस अधिकारियों की लिस्ट भी लंबी है, जिनका आनेवाले कुछ ही महीनों से तीन साल पूरा हो जायेगा. लेकिन सरकार फिलहाल इन अधिकारियों के तबादले के मूड में नहीं है.
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जानें जिन्होंने बिता दिया एक ही पद पर करीब चाल साल
सुनील कुमार बर्णवालः सुनील कुमार बर्णवाल को 2014 में सरकार बनने के कुछ ही दिनों के बाद 18 मार्च 2015 को सूचना एवं जनसंपर्क विभाग का सचिव बना दिया गया.
बिहार कैडर के संजय कुमार जो मुख्यमंत्री के सचिव थे उनके वापस बिहार जाते ही 25 जनवरी 2018 को सुनील कुमार बर्णवाल को सीएम का प्रधान सचिव बना दिया गया.
राज्य में कई सीनियर आइएएस के मुकाबले इन्हें काफी पावरफुल माना जाता है. श्री बर्णवाल पिछले करीब साढ़े चार साल से सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव बने हुए हैं.
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हिमानी पांडेयः झारखंड के कल्याण विभाग की सचिव हिमानी पांडेय लंबे समय से अपने पद पर बनी हुई हैं. उन्होंने कल्याण विभाग के सचिव का पद 19 जून 2016 को संभाला था.
तब से लेकर आज तक करीब 3.5 साल से हिमानी पांडेय अपने पद पर बनी हुई हैं. सरकार की तरफ से इनका तबादला करना जरूरी नहीं समझा जाता.
वहीं सूत्रों की मानें तो लंबे अरसे से एक ही विभाग में जमी हिमानी पांडे का अपने ही विभाग की मंत्री लुईस मरांडी के साथ कई बार आमने-सामने जैसे हालात उत्पन्न हुए हैं. मंत्री ने कई मामलों को लेकर सचिव के सामने आपत्ति जतायी है.
राहुल पुरवारः राहुल पुरवार वो नाम है जिनके पास एक ही पद पर बने रहने का इस सरकार में सबसे ज्यादा तजुर्बा है. उन्होंने 12 फरवरी 2015 को बतौर जेवीबीएनएल के एम़डी का पद संभाला था.
उन्होंने एक पद पर रहते हुए साढ़े चार साल बिता दिये हैं. बिजली व्यवस्था को लेकर इन पर विपक्षी पार्टियों की तरफ से कुछ ही दिनों पहले आरोप लगे थे. मामला विधानसभा तक गया था.
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केके सोनः वर्ष 2014 में रघुवर दास की सरकार बनते ही सरकार ने केके सोन को भू-राजस्व एवं निबंधन विभाग का सचिव बनाया था. वह तब से इसी पद पर बने हुए हैं.
पूजा सिंघलः आइएएस पूजा सिंघल करीब पांच साल से कृषि विभाग में ही पदस्थापित हैं. 28 मार्च 2017 को इन्होंने कृषि विभाग का पद संभाला. इससे पहले वह कृषि विभाग में ही विशेष सचिव के पद पर पदस्थापित थी.
सुनील कुमारः यूं तो सुनिल कुमार भवन निर्माण विभाग के सचिव के तौर पर 9 फरवरी 2018 को पदस्थापित हुए. लेकिन इससे पहले वह इसी विभाग के भवन निर्माण निगम में एमडी के पद पर थे. अभी भी वह सचिव के साथ-साथ एमडी के प्रभार में हैं. वह इस पद पर पिछले चार साल से अधिक समय से बने हुए हैं.



