BusinessMain Slider

एक और बुरी खबर ! रेटिंग एजेंसी मूडीज ने कहाः भारतीय बैंकिंग सेक्टर सबसे असुरक्षित

NewsWing Desk: पिछले पांच-छह सालों में केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों ने हर सेक्टर को नुकसान पहुंचाया है. सबसे अधिक नुकसान भारतीय बैंकिंग सेक्टर को हुआ है.

अब दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित रैटिंग एजेंसी मूडीज ने भारत की बैंकिंग सेक्टर को सबसे असुरक्षित करार दिया है. साथ ही कहा है कि भारतीय बैंकिंग सेक्टर सबसे संवेदनशील है.

इसे भी पढ़ेंःजेल से रिहा हुए पूर्व मंत्री एनोस एक्का, पारा शिक्षक हत्या मामले में HC से मिली राहत

मूडीज की इस रेटिंग के बाद देश के बैंकों पर से लोगों का विश्वास टूट सकता है. इससे पहले नोटबंदी के वक्त भी बैंकों पर से लोगों का भरोसा टूटा था.

लेकिन तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे राष्ट्रवाद से जोड़ कर भरोसा को खत्म होने से रोक लिया था. बैंकिंग सेक्टर के इस हालात की जानकारी मूडीज ने सोमवार को निफ्टी व बीएसई सेंसेक्स (शेयर बाजार) के बंद होने के बाद दी है.

इस कारण माना जा रहा है कि एक अक्टूबर को शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है. मूडीज ने भारत के बैंकों को दुनिया की 13 सबसे असुरक्षित बैंक सेक्टर में शामिल किया है.

इसके बाद इंडोनेशिया, सिंगापुर, मलेशिया, चीन को भी असुरक्षित अर्थव्यवस्था की श्रेणी में रखा है. मूडीज के मुताबिक, इन देशों में आर्थिक विकास धीमी है. व्यापारिक लड़ाई के कारण बड़ी कंपनियों के कर्ज क्षमता में कमी हो सकती है.

इसे भी पढ़ेंःलेक्चरर नियुक्ति में सीबीआइ ने 59 लेक्चरर, #JPSC के अध्यक्ष, सदस्य समेत 5 पदाधिकारियों व 5 परीक्षकों पर चार्जशीट किया

भारतीय बैंक सबसे कमजोर स्थिति में इसलिए है, क्योंकि उनके पास पूंजी का अनुपात बेहद कम है. जो कमजोर हालात में उन्हें संभलने का मौका नहीं देगा.

उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ दिनों में बैंकिंग सेक्टर के कमजोर होने के संदेश मिले हैं. पंजाब-महाराष्ट्र बैंक पर आरबीआइ ने कड़े प्रतिबंध लगाये हैं. ग्राहकों को छह माह के भीतर सिर्फ 10 हजार रुपया निकालने की अनुमति है.

इसी तरह लक्ष्मी विलास बैंक में 790 करोड़ रुपये के घोटाला होने की खबर आयी है. बैंकिंग सेक्टर लगातार सरकार से राहत भरा कदम उठाने की मांग कर रहा है.

देश की कई बड़ी कंपनियां दिवालिया होने के कागार पर पहुंच चुकी है. सरकारी पीएसयू कंपनियों का बुरा हाल है. सरकार अब उन्हें बेचने पर विचार कर रही है.

इन कंपनियों में बैंकों का लाखों करोड़ रुपये का कर्ज फंसा हुआ है. जो वापस नहीं मिल रहा है. इससे बैंकों की हालात खराब हो गई है.

इसे भी पढ़ेंः#Maharastra: शिवसेना नेता समेत तीन लोगों की हत्या के बाद अमरावती में कर्फ्यू, दो समुदाय के बीच तनाव

Advertisement

Related Articles

Back to top button
Close