
Ranchi : गांवों के साथ-साथ शहरी महिलाओं में भी माहवारी स्वच्छता को लेकर अब भी टैबू बना हुआ है. झारखंड में अब भी इस विषय को लेकर समझ बढ़ाने की जरूरत है. इसे देखते हुए पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, झारखंड सरकार द्वारा गुरुवार से राज्यभर में अगले एक महीने तक चुप्पी तोड़ो, स्वस्थ रहो अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत की गयी है.
विभागीय मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने प्रोजेक्ट भवन में अभियान की शुरुआत की. उन्होंने उम्मीद जतायी कि माहवारी स्वच्छता प्रबंधन की जागरुकता का जो लक्ष्य विभाग ने निर्धारित किया है, उसे जरूर पूरा किया जा सकेगा. उन्होंने शिक्षा, ग्रामीण, कल्याण, यूनिसेफ सहित अन्य विभागों के साथ-साथ मीडिया को भी इसमें मदद करने की अपील की.
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डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर चलेगा ‘‘चुप्पी तोड़ो-स्वस्थ रहो’’ अभियान
मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने जानकारी दी कि आज के परिवेश में स्वच्छता और हाइजीन को बनाये रखना बहुत ही आवश्यक है. नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (2015-16) के अनुसार राज्य में सैनिटरी पैड का उपयोग करनेवालों की संख्या सीमित है. 15-49 साल की आयु की 10 में से 4 महिलाएं ही इसका उपयोग करती हैं. इस तस्वीर को बदलना होगा. माहवारी स्वच्छता के संबंध में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग जागरुकता अभियान चलायेगा. राज्य स्तर पर डिजिटल माध्यम से इसकी शुरुआत की गयी है. यह अभियान 28 मई से 27 जून तक चलाया जायेगा. अभियान के तहत विभिन्न गतिविधियों के द्वारा राज्य के सभी किशोरी-महिलाओं तक अपनी पहुंच सुनिश्चित की जायेगी, उन्हें जागरूक किया जायेगा.
कोरोना आपदा में डिजिटल कैम्पेन
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव प्रशांत कुमार के अनुसार माहवारी पर खुल कर चर्चा नहीं होने से नुकसान ही है. 70 फीसदी से ज्यादा लड़कियों, महिलाओं को पता ही नहीं चलता कि उन्हें पहली माहवारी कब आती है. चुप्पी तोड़ो अभियान से जागरुकता बढ़ेगी. इस अभियान के लिए 2018 में ही गाइडलाइन बनाया जा चुका था. 2019 में पहले चरण की शुरुआत हुई थी. इस साल डिजिटल माध्यमों से प्रचार प्रसार किये जाने पर जोर है. टीवी, ऑनलाइन कांफ्रेंसिंग, मीडिया, व्हाट्स एप तथा अन्य डिजिटल प्लेटफार्म का उपयोग किया जायेगा.
245 भस्मीकरण यन्त्र और 197 सैनिटरी पैड मशीनों का उपयोग
स्वच्छ भारत मिशन के निदेशक अबू इमरान ने कहा कि राज्य के कस्तूरबा गांधी और अन्य सरकारी स्कूलों में 197 सैनिटरी नैपकिन मशीन लगायी गयी है. बालिकाओं को इसके जरिये निःशुल्क पैड वितरित किये जा रहे हैं. इसके अलावा 245 भस्मीकरण यन्त्र ((Incinerator)) भी राज्य में अलग-अलग जगहों पर लगाये गये हैं. इसके जरिये यूज किये पैड और अन्य गंदगियों का निस्तारण भी किया जा रहा है. राज्य सरकार स्वच्छता और हाइजीन को लेकर काफी सराहनीय कदम उठा रही है. यूनिसेफ के माध्यम से आज चुप्पी तोड़ो अभियान के दूसरे चरण के अभियान की शुरुआत की गयी है. इसके तहत स्कूली बच्चियों और महिलाओं को निःशुल्क सैनिटरी पैड भी मिलेगा. कार्यशाला में माध्यमिक शिक्षा निदेशक जटाशंकर चौधरी, यूनिसेफ, झारखंड के प्रमुख प्रशांता दास, प्रेमचंद सहित अन्य लोग भी उपस्थित थे.
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