
Uday Chandra Singh
New Delhi : अगर आप खाद्य तेल की बढ़ती कीमतों से परेशान हैं तो जल्द ही आपको थोड़ी राहत मिलनेवाली है. सरकार ने पाम तेल सहित विभिन्न खाद्य तेलों के आयात शुल्क मूल्य में 112 डॉलर प्रति टन तक की कमी करने का फैसला किया है. सरकार के इस फैसले से घरेलू बाजार में खाद्य तेल की कीमतें कम हो सकती हैं.
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने एक अधिसूचना जारी कर कच्चे पाम तेल के आयात शुल्क में 86 डॉलर प्रति टन और आरबीडी (रिफाइंड, ब्लीच्ड एंड डियोडराइज्ड) एवं कच्चे पामोलिन के आयात शुल्क में 112 डॉलर प्रति टन की कमी की है. माना जा रहा है कि सरकार खाद्य तेलों की कीमत घटाने के लिए स्थायी उपाय पर काम कर रही है. सरकार की कोशिश है कि खाद्य तेलों के मामले में भारत को आत्मनिर्भर बनाया जाये और इसके लिए बड़े कदम उठाये जा रहे हैं. अभी जरूरत का 70 फीसदी से ज्यादा तेल विदेशों से मंगाना पड़ता है. जाहिर है इस पर वैश्विक कीमतों का सीधा असर पड़ता है.
अगर घरेलू बाजार में तेल के दाम नीचे रखने हैं, तो तिलहन उत्पादन को लगातार बढ़ावा देना होगा. वहीं, अमेरिका और ब्राजील में सूखे की वजह से सोयाबीन की खेती पर काफी असर पड़ा है, जिससे आपूर्ति घटने के कारण कीमतें भी लगातार बढ़ रही हैं.
देश में खाद्य तेलों की दो तिहाई मांग की पूर्ति आयात से होती है और बीते एक वर्ष में खाद्य तेलों के दाम तेजी से बढ़े हैं.
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