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12 वें मंत्री को लेकर झामुमो–कांग्रेस के टकराव पर मुख्यमंत्री ने लगाया विराम, बोर्ड-निगम और 20 सूत्री को लेकर सत्ताधारी दल में शीतयुद्ध जारी

GYAN RANJAN

Ranchi: पिछले तीन दिनों से झारखंड सरकार के 12 वें मंत्री को लेकर झामुमो और कांग्रेस के बीच चल रहे टकराव पर भले ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने फिलहाल विराम लगा दिया हो लेकिन बोर्ड-निगमों के गठन और 20 सूत्री कार्यान्वयन समिति को लेकर अभी भी सत्ताधारी दलों में शीतयुद्ध जारी है. झामुमो, कांग्रेस और राजद के बड़े-बड़े नेताओं की निगाहें मलाईदार बोर्ड व निगमों पर टिकी हुई है. हेमंत सरकार के गठन के डेढ़ वर्ष हो गए लेकिन अभी तक बोर्ड-निगमों के पुनर्गठन पर काम शुरू नहीं हुआ है.

 

इसको लेकर सरकार में शामिल सभी दलों के कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखने को मिल रही है. झामुमो के कार्यकर्ता भले ही खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं लेकिन कांग्रेस और राजद के कार्यकर्ताओं का दवाब लगातार इस मामले को लेकर अपनी पार्टी के मंत्रियों पर है. कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष और विधायक इरफ़ान अंसारी ने तो यहाँ तक कह दिया है कि बोर्ड-निगमों में विधायकों को नहीं बल्कि पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं को जगह मिलनी चाहिए. उन्होंने बोर्ड-निगमों के गठन में हो रही देरी पर भी चिंता जाहिर की है. राजद भी बोर्ड-निगमों में हिस्सेदारी की मांग पहले से ही कर रहा है.

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पांच महीने पहले ही हुई थी बोर्ड-निगमों के गठन पर सहमति

हेमंत सरकार में शामिल झामुमो, कांग्रेस और राजद के बीच पांच महीने पहले ही बोर्ड-निगमों के गठन पर सहमति बन गयी थी. कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी आरपीएन सिंह, बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बीच इसको लेकर लम्बी चर्चा हुई थी और जल्द इसके गठन का निर्णय लिया गया था. इस मामले पर मुख्यमंत्री के साथ बैठक करने के बाद कांग्रेस प्रभारी आरपीएन सिंह ने कहा था कि बहुत जल्द झारखंड में बोर्ड-निगमों का गठन कर लिया जाएगा और 20 सूत्री का भी गठन बहुत जल्द होगा. अबतक इसपर कोई काम नहीं हुआ है. 20 सूत्री के गठन पर तो यहाँ तक बातें हुई थी कि जहाँ जिस पार्टी का विधायक और मंत्री होगा वहां सहयोगी दल के नेता को 20 सूत्री का अध्यक्ष बनाया जाएगा. जैसे यदि दुमका में झामुमो के विधायक हैं तो 20 सूत्री अध्यक्ष का पद कांग्रेस या राजद को जाएगा. इसी फोर्मुले पर अन्य जगहों पर भी काम होना था, लेकिन पिछले पांच महीने से इसे भी ठन्डे बसते में दाल दिया गया है.

 

फिलहाल मंत्रिमंडल विस्तार को मुख्यमंत्री हेमंत ने किया खारिज

पिछले दो दिनों से दिल्ली में डेरा जमाये मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आज मीडिया से मुखातिब हुए. उन्होनें फिलहाल मंत्रिमंडल विस्तर को लेकर चल रहे चर्चा को खरिज करते हुए कहा कि दिल्ली आने का सियासी मतलब नहीं निकला जाय. उन्होंने कहा कि दिल्ली में उनके व्यक्तिगत रिश्ते भी हैं. कहा कि हमारे कांग्रेस के साथ गठबंधन जरूर है लेकिन कुछ व्यक्तिगत रिश्ते भी होते हैं इसका मतलब यह नहीं निकला जाय कि दिल्ली राजनीतिक चर्चा के लिए ही आया हूँ. एक सवाल के जवाब में उन्होनें कहा कि दिल्ली में कांग्रेस के किसी बड़े नेता से उनकी मुलाकात नहीं हुई है लेकिन हर दूसरे दिन बात होते रहती है. मंत्रिमंडल विस्तार पर फिर उन्होनें कहा कि इस विषय पर कुछ होगा तो उसके गवाह आपलोग भी बनेंगे.

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