
⇒ एक से 10 दिसंबर तक बैंक से निकला 393 करोड़, जबकि सैलरी के लिए चाहिए था 466 करोड़
⇒ अफसरों ने कहा, लिंक आते सभी को मिल जायेगी सैलरी, हैदराबाद से ऑपरेट होता है सॉफ्टवेयर
⇒ शुक्रवार से लेकर सोमवार के दोपहर 12 बजे तक था लिंक फेल
Ranchi: खजाने में पैसा नहीं होने की वजह से अब तक लगभग 90 हजार कर्मियों को नवंबर माह का वेतन नहीं मिल पाया है. अफसर इसकी वजह लिंक का नहीं होना बता रहे हैं. अफसरों का यह भी कहना है कि एक्सएमएल सॉफ्टवेयर में खराबी आने के कारण वेतन भुगतान में देरी हुई है. यह सॉफ्टवेयर हैदराबाद से ऑपरेट होता है. शुक्रवार से ही सॉफ्टवेयर बैठा हुआ था, जो सोमवार के दोपहर 12 बजे तक ठीक नहीं हो पाया था.
सैलरी के लिए खजाने में नहीं था पैसा, यही है हकीकत
अफसरों के अनुसार लिंक फेल होने के कारण देरी हुई. जबकि हकीकत यह है कि खजाने में पैसा नहीं था. 30 नवंबर से 10 दिसंबर तक बैंक से 393 करोड़ की निकासी हुई. जबकि सैलरी के लिए 466 करोड़ रुपये की जरूरत थी.
क्या कहते हैं रांची के ट्रेजरी अफसर
रांची के ट्रेजरी अफसर मनोज कुमार ने बताया कि ट्रेजरी की तरफ से सारे बिलों को पास कर दिया गया है. सॉफ्टवेयर में हो रही परेशानी की वजह से बिल के भुगतान में देरी हुई है. लिंक आते ही बिल का भुगतान होने लगेगा. वहीं सचिवालय ट्रेजरी अफसर ने बताया कि हम आरटीजीएस करते हैं. लिंक आते ही हमारी तरफ से भुगतान हो जाएगा.
क्या है भुगतान की प्रक्रिया
सैलेरी के लिए डिपार्टमेंट को अलॉटमेंट महीने की 25 तारीख तक भेज दिया जाता है. इसके साथ ही एक कॉपी ट्रेजरी को भेजी जाती है, ताकि ट्रेजरी यह देख सके कि कितना पैसा है उतना ही निकाल रहा है या नहीं. ट्रेजरी से महीने की अंतिम तिथि को बिल पास होता है. बिल पास होने के साथ ही कर्मचारी को वेतन का भुगतान हो जाता है.
किस जिले में कितने कर्मियों और अफसरों को मिली सैलरी
चतरा-4127, देवघर-2671, धनबाद-3681, डोरंडा(रांची)- 2275, दुमका- 2307, गढ़वा- 724, घाटशिला- 1483, गिरिडीह-5760,गोड्डा- 438, गुमला- 3434, हजारीबाग- 2171,जमशेदपुर- 9330, जामताड़ा- 2352, खूंटी- 1572, कोडरमा-1715, लातेहार-3870, मधुपुर- 558, पाकुड़- 1312, पलामू-6761, प्रोजेक्ट भवन(रांची)- 3828, रामगढ़- 1948, रांची- 7298, साहेबगंज- 1122, सरायकेला- 2400, सिमडेगा- 2560 और तेनुघाट- 1384.
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