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सीएम ने पूछा, आधुनिक से 3.60 रुपये प्रति यूनिट तो इंलैंड से 4.05 रुपये प्रति यूनिट बिजली खरीद क्यों?

  • बिजली वितरण निगम के एमडी राहुल पुरवार से कहा, पूरा निगोसिएट करें
  • दो साल के अंदर बिजली खरीद में हो गई है 40 करोड़ रुपये की वृद्धि
  • वितरण निगम हर माह खरीदता है 400 करोड़ की बिजली, राजस्व मिलता है 230 से 235 करोड़
  • इंलैंड पावर से बिजली खरीद पर सीएजी भी जता चुका है आपत्ति

Ranchi: बिजली खरीद के मामले पर राज्य सरकार भी असमंजस की स्थिति में है. पिछले सप्ताह हुई ऊर्जा विभाग की बैठक में बिजली खरीद की दर पर सीएम रघुवर दास ने लंबी चर्चा की. सीएम ने बिजली वितरण निगम के एमडी राहुल पुरवार से पूछा जब आधुनिक पावर से 3.60 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदी जा रही है तो इंलैंड पावर से 4.05 रुपये प्रति यूनिट की दर से क्यों खरीदी जा रही है. पूरा निगोसिएट कर बतायें. वितरण निगम हर माह 400 करोड़ की बिजली खरीदता है जबकि इसके एवज में 230 से 235 करोड़ ही राजस्व मिलता है.

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इंलैंड पावर से बिजली खरीद पर सीएजी की आपत्ति

इंलैंड पावर से बिजली खरीद के एग्रीमेंट पर सीएजी भी आपत्ति जता चुका है. लेकिन इसका जवाब अब तक बिजली कंपनी ने नहीं दिया. पूछने पर अफसर बताते हैं कि इस पर डॉक्यूमेंट तैयार किया जा रहा है. जबकि नियम यह है कि किसी भी पावर प्लांट से 25 फीसदी बिजली के लिए ही पीपीए हो सकता है. जबकि बिजली बोर्ड के अफसरों ने शत-प्रतिशत बिजली के लिए एग्रीमेंट कर लिया. इंलैंड पावर की दो यूनिट 63-63 मेगावाट की है. इसमें से सिर्फ एक ही यूनिट से उत्पादन हो रहा है. पीपीए के मुताबिक 63 मेगावाट में से 16 मेगावाट ही बिजली मिल सकती है.

पिछले दो साल में बिजली खरीद पर 40 करोड़ की वृद्धि

प्रदेश की बिजली व्यवस्था निजी और सेंट्रल सेक्टर पर टिकी हुई है. निजी और सेंट्रल सेक्टर से हर दिन औसतन 660 मेगावाट बिजली ली जाती है. पिछले दो साल में बिजली खरीद में 40 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है. दो साल पहले हर महीना करीब 360 करोड़ रुपये की बिजली खरीदी जाती थी. अब हर माह लगभग 400 करोड़ रुपये की बिजली खरीदी जा रही है.

किस कंपनी से कितने करोड़ की बिजली प्रतिमाह

एनटीपीसी- 70 करोड़

एनएचपीसी- 70 करोड़

टीवीएनएल- 70 करोड़

आधुनिक- 20 करोड़

इंलैंड पावर- 13 करोड़

शेष, पीटीसी, एसइआर और सेंट्रल एलोकेशन से खरीदी जाती है.

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