
Deoghar: जिले के स्वास्थ्य विभाग में आउटसोर्सिंग के तहत सेवा उपलब्ध कराने वाली कंपनी फ्रंटलाइन बिजनेस सोल्युशन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा अजबगजब के खेल खेले जा रहे हैं. गत 20 मई को सदर अस्पताल देवघर के आठ सुरक्षा गार्ड और 22 मई को अनुमंडल अस्पताल मधुपुर के चार सुरक्षा गार्ड की सेवा कंपनी के देवघर जिला प्रबंधक द्वारा समाप्त कर दी गई. जबकि हटाए गए सभी लोग वर्षों से काम कर रहे थे. हटाने वाले पत्र में जिक्र है कि उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में इन्हें हटाया गया है.
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कंपनी के द्वारा कहा गया है कि देवघर जिला के स्वास्थ्य विभाग में गार्ड के पद पर होमगार्ड जवानों को रखने का आदेश न्यायालय के द्वारा दिया गया है। जिसके आलोक में धीरे धीरे विभाग के सभी गार्ड को हटाकर होमगार्ड जवानों को रखा जाएगा जबकि न्यायालय के आदेश में सिर्फ होमगार्ड जवानों को रखने का आदेश है, किसी को हटाने का नहीं. अब एक तरफ तो न्यायालय के आदेश का हवाला देकर जिले के बारह सुरक्षा गार्ड को हटाया जा चुका है. वहीं दूसरी तरफ कंपनी के जिला प्रबंधक के द्वारा 24 मई को कंपनी के माध्यम से छह नये सुरक्षा गार्ड की नियुक्ति की गई है.
इस बाबत झारखंड चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष मनोज मिश्रा ने कहा कि यदि न्यायालय के आदेश के आलोक में होमगार्ड जवानों को रखना है और इस पर अमल करते हुए जिले के बारह सुरक्षा गार्ड को हटाया जा चुका है तो फिर कंपनी के द्वारा फिर नये सुरक्षा गार्ड की बहाली किस आधार पर की जा रही है, यह सवालों के घेरे में है.




