
Ranchi : देवघर स्थित जसीडीह रेलवे स्टेशन के दक्षिणी इलाके में एंट्री पॉइंट नंबर दो के लिए जमीन देने का आग्रह करनेवाली सांसद निशिकांत दुबे की जनहित याचिका की सुनवाई शुक्रवार को झारखंड हाइकोर्ट में हुई. मामले में कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है. सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से कोर्ट को बताया गया कि राज्य सरकार ने पहले जसीडीह स्टेशन के दक्षिणी एंट्री पॉइंट नंबर दो के लिए जमीन देने की बात स्वीकारी थी. अब सरकार की ओर से एक एकड़ जमीन के लिए 57 करोड़ रुपये की मांग की जा रही है. प्रार्थी का कहना है कि जसीडीह रेलवे स्टेशन के दक्षिणी इलाके में एंट्री पॉइंट नंबर दो बनने से देवघर में बाबा बैजनाथ धाम में दर्शन करने आनेवाले श्रद्धालुओं को काफी सुविधा होगी. प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता शिवानी जालूका ने पैरवी की. अगली सुनवाई 24 नवंबर को होगी. मामले की सुनवाई हाइकोर्ट के चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्रा की अध्यक्षता वाली खंडपीठ में हुई.
देवघर एम्स के मामले में राज्य सरकार का नहीं आया जवाब, अगली सुनवाई 22 सितंबर को
देवघर, एम्स में बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर सांसद निशिकांत दुबे की जनहित याचिका की सुनवाई झारखंड हाइकोर्ट में शुक्रवार को हुई. मामले में राज्य सरकार की ओर से जवाब दाखिल नहीं हो सका. कोर्ट ने जवाब दाखिल करने के लिए सरकार को एक सप्ताह का समय दिया. अगली सुनवाई 22 सितंबर को होगी. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने मुख्य सचिव को शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया था. कोर्ट के आदेश के आलोक में पिछले सुनवाई में राज्य के मुख्य सचिव एवं एम्स, देवघर के डायरेक्टर कोर्ट के समक्ष वर्चुअल रूप से उपस्थित हुए थे. एम्स देवघर की ओर से अधिवक्ता प्रशांत पल्लव ने पैरवी की. याचिका में सांसद निशिकांत दुबे की ओर से कहा गया है देवघर एम्स में कई बुनियादी सुविधाओं का अभाव है. उनकी ओर से कोर्ट से देवघर एम्स के लिए पर्याप्त बिजली, पानी, पहुंच सड़क, फायर ब्रिगेड वाहन आदि की सुविधा उपलब्ध कराने का आग्रह कोर्ट से किया गया है.
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