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 Covid-19 के कारण फैली भुखमरी से 1,68,000 बच्चों की मौत का अनुमान : अध्ययन

30 अंतरराष्ट्रीय संगठनों के एक नये अध्ययन में यह सामने आया है. अध्ययन के अनुसार महामारी के कारण आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुईं हैं जिससे भुखमरी बढ़ी है.

Washington : कोरोना वायरस महामारी के कारण 1,68,000 बच्चों की मौत हो सकती है. 30 अंतरराष्ट्रीय संगठनों के एक नये अध्ययन में यह सामने आया है. अध्ययन के अनुसार महामारी के कारण आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुईं हैं जिससे भुखमरी बढ़ी है.

अध्ययन में कहा गया है कि भुखमरी के खिलाफ दशकों से हुई प्रगति कोरोना महामारी की वजह से प्रभावित हुई है. भुखमरी पर स्टैंडिंग टुगेदर फॉर न्यूट्रीशन कंसोर्टियम ने इस साल का आर्थिक और पोषण डाटा इकट्ठा किया और इसके अलावा फोन पर सर्वे भी किया.

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11.90 करोड़ बच्चे गंभीर रूप से कुपोषण के पीड़ित होंगे

शोध का नेतृत्व करने वाले सासकिया ओसनदार्प का अनुमान है कि 11.90 करोड़ बच्चे कुपोषण के सबसे गंभीर रूप से पीड़ित होंगे, सबसे ज्यादा प्रभावित बच्चे दक्षिण एशिया और उप-सहारा अफ्रीका में हो सकते हैं. माइक्रोन्यूट्रिएंट फोरम के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर ओसनदार्प के अनुसार जो महिलाएं अभी गर्भवती हैं वो ऐसे बच्चों को जन्म देंगी जो जन्म के पहले से ही कुपोषित है.

ये बच्चे शुरू से ही कुपोषण के शिकार रहेंगे. एक पूरी पीढ़ी दांव पर है.कोरोना वायरस के आने के पहले तक कुपोषण के खिलाफ लड़ाई एक अघोषित सफलता थी लेकिन महामारी से यह लड़ाई और लंबी हो गयी  है.

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10 साल की प्रगति 9-10 महीनों में समाप्त हो गयी

ग्लोबल एलायंस फॉर इम्प्रूव्ड न्यूट्रिशन के एक्जिक्यूटिव डायरेक्टर लॉरेंस हड्डाड के अनुसार ऐसा लगता है कि यह एक ऐसी समस्या है जो हमेशा से हमारे साथ है लेकिन कोविड-19 से पहले यह कम हो रही थी. अध्ययन के अनुसार 10 साल की प्रगति 9 से 10 महीनों में समाप्त हो गयी.

अध्ययन कहता है कि महामारी के पहले अविकसित बच्चों की संख्या में वैश्विक स्तर पर हर साल गिरावट आयी है. साल 2019 में जहां 20 करोड़ बच्चे अविकसित थे तो वहीं उनकी संख्या 2000 में घटकर 14.40 करोड़ हो गयी.शोध को ऐसे समय में जारी किया गया जिसका लक्ष्य अगले एक साल तक लगभग तीन अरब डॉलर कुपोषण के खिलाफ धन इकट्ठा करना है.

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