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बेरोजगारों से ठगी में बोकारो ITI प्रिंसिपल को शो-कॉज, लेकिन डीसी क्यों नहीं कर रहे कार्रवाई ?

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Ranchi : बोकारो के आईटीआई में रोजगार कैंप लगाकर बेरोजागारों से पैसा वसूली करने के मामले में विभाग अब कार्रवाई कर रहा है. विभाग के निदेशालय की तरफ से बोकारो के आईटीआई के प्रिंसिपल अंजु अग्रवाल को शो-कॉज किया गया है. विभाग ने उनसे पूछा है कि आखिर आप पर कार्रवाई क्यों ना हो. विभाग का तर्क है कि श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग किसी भी हालत में रोजगार कैंप में बेरोजगारों से पैसे लेकर रोजगार कैंप नहीं लगाता है. ऐसे में कैसे बिना विभाग की अनुमति के उन्होंने सरकारी विज्ञापन का इस्तेमाल कर रोजगार कैंप के जरिए बेरोजगारों से रजिस्ट्रेशन के लिए एक हजार रुपए लेने की बात विज्ञापन में छपवायी.

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क्या कहना है विभाग का

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विभाग का कहना है कि विज्ञापन में रजिस्ट्रेशन के लिए एक हजार रुपए लिए जाने की बात को लेकर श्रम, नियजोन एवं प्रशिक्षण विभाग की छवि धूमिल हुई है. न्यूज विंग ने इस मामले में बोकारो आईटीआई की प्रिंसिपल अंजु अग्रवाल से बात करने की कोशिश की. लेकिन उनका फोन लगातार बंद आ रहा है. वहीं विभाग के सचिव राजीव अरुण एक्का ने कहा कि क्या कार्रवाई हुई है. फाइल देखकर आपको बता सकता हूं. कार्रवाई से संबंधित फाइल विभाग के मंत्री के पास भेज दी गयी है. बताते चलें कि इस खबर को न्यूज विंग ने ही प्रकाशित किया था. जिसके बाद बोकारो विधायक ने इस बात की शिकायत मंत्री से की. मंत्री से शिकायत के बाद विभाग अब रेस है.

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बोकारो डीसी आखिर क्यों नहीं कर रहे कार्रवाई

सवाल यह है कि क्या बाहर से कोई कंपनी आकर बोकारो के बेरोजगारों को ठग कर चली जाती तो बोकारो प्रशासन की जिम्मेदारी तय होती है. क्यों नहीं बोकारो डीसी मृत्युंजय अग्रवाल इस मामले में कोई कार्रवाई कर रहे हैं. विज्ञापन बोकारो प्रशासन की तरफ से निकाला गया है. ऐसे में विज्ञापन निकाले जाने में बोकारो प्रशासन की भी उतनी ही भूमिका है, जितनी की बोकारो आईटीआई की. अगर जानकारी के अभाव में बोकारो डीसी से ऐसा हुआ तो, वो कौन है जिसने प्रशासन को गुमराह करने की कोशिश की. क्या बोकारो प्रशासन को ऐसा करने के लिए कार्रवाई नहीं करनी चाहिए.

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रोजगार कैंप को लेकर अखबार में छपा विज्ञापन
रोजगार कैंप को लेकर अखबार में छपा विज्ञापन

ब्लैक लिस्ट हो रही है कंपनी, लेकिन FIR क्यों नहीं

एक ऐसी कंपनी को सिर्फ ब्लैक लिस्ट करने की तैयारी हो रही है, जो बोकारो के बेरोजगारों से ठगी करने की तैयारी में थी. उन्हें रोजगार का सुनहरा सपना दिखा कर हर उम्मीदवार से एक हजार रुपए वसूलने की फिराक में थी. बोकारो आईटीआई प्रबंधन ने विज्ञापन को रद्द करने में यह साफ लिखा है कि GLOBAL HR SERVICES ने गुमराह कर बेरोजगारों से पैसे वसूलना चाह रही थी. इसलिए कैंप को रद्द किया जा रहा है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर GLOBAL HR SERVICES ने सरकारी तंत्र को गुमराह किया है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हो. अगर कार्रवाई नहीं होती है तो, क्यों नहीं मान लिया जाए कि श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग और बोकारो प्रशासन गलती किए जाने के बाद भी कार्रवाई नहीं करना चाहता है.

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