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घुटन में माइनॉरटी IAS ! सरकार पर आरोप- धर्म देखकर साइड किए जाते हैं अधिकारी

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Ranchi: यूपीएससी के हर राउंड में सफल होने के बाद आईएएस बनने वाला उम्मीदवार अपनी कॉलर ऊपर कर यह सोचता है कि अब तो वो साहब बन गया. अमूमन हर युवा आईएएस बनने के बाद अपनी पहली या दूसरी पोस्टिंग में ऐसा कुछ करना चाहता है कि लोग उसे याद करें. ये मौका उन्हें एसडीएम या डीसी बनकर ही मिलता है.

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कुछ ऐसा सीन बनता है जिससे एक आईएएस जनता की नजरों में असली हीरो बन जाता है. लेकिन बात है कि उसे मौका मिलना चाहिए. झारखंड में दबी जुबान में ही सही लेकिन माइनॉरिटी अधिकारी अंदर ही अंदर घुटन महसूस कर रहे हैं. जबकि झारखंड में इनकी संख्या ना के ही बराबर है.

जीशान कमर क्यों नहीं बन सकते किसी जिले के डीसी ?

वैसे तो राज्य सरकार का हर कैडर पोस्ट एक अहम पद है. लेकिन हर पद की गरिमा एक ही हो प्रैक्टिकली ये जरूरी नहीं है. जीशान कमर जो 2013 बैच के आईएएस हैं. वो फिलहाल खनन विभाग में निदेशक के पद पर हैं. इससे पहले वो चतरा के डीडीसी थे. अमूमन देखा जाता है कि एक किसी आईएएस डीडीसी का तबादला डीसी के पद पर किया जाता है. लेकिन इनके साथ ऐसा नहीं हुआ.

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जबकि इन्हीं के बैच के सूरज कुमार-खूंटी, आदित्य कुमार आनंद-जामताड़ा, मृत्युंजय कुमार बर्णवाल-बोकारो, शशि रंजन-गुमला और किरण कुमारी पासी-गोड्डा की डीसी हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि जीशान कमर का मोराल सरकार के ऐसे फैसलों से कितना ऊंचा हो पाता है. वहीं फैज अक अहमद मुमताज जो 2014 बैच के आईएएस हैं, उन्हें डीडीसी गढ़वा से परिवहन विभाग का कमिश्नर बनाया गया. लेकिन छह महीने के अंदर पंचायती राज का निदेशक बना दिया. जबकि उन्हीं के बैच के दूसरे आईएएस अधिकारियों को अच्छे पद दिए गए.

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मुस्लिम अफसरों को निर्वाचन कार्य से हटाने का आरोप

ऑल मुस्लिम यूथ एसोसिएशन (आमया) ने सरकार पर आरोप लगाया है कि मुस्लिम पदाधिकारियों और कर्मचारियों को एक प्लान बनाकर निर्वाचन कार्य से हटाया जा रहा है. यह बातें आमया की ओर से मुख्य निर्वाचन आयुक्त, भारत मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन और झाविमो अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी के नाम भेजे गए पत्र में लिखी गई है.

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अपने पत्र में आमया के अध्यक्ष शमीम अली ने कहा है कि एक सितंबर से मतदाता पहचान पत्र और मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्य शुरू किया जाएगा. इसकी निगरानी जिला उपायुक्त (जिला निर्वाचन पदाधिकारी) अनुमंडल पदाधिकारी (निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी) प्रखंड विकास पदाधिकारी (सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी) करते हैं. उसमें सरकार ने ट्रांसफर-पोस्टिंग में बड़े पैमाने पर भेदभाव किया है. 106 डीएसपी का तबादला किया गया है. इनमें से एक मुस्लिम DSP को छोड़कर बाकी मुस्लिम DSP को मुख्यालय में पदस्थापित कर दिया गया. 111 बीडीओ के स्थानांतरण-पदस्थापन में 11 मुस्लिम बीडीओ को मुख्यालय में पदस्थापित कर दिया गया.

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