
Giridih : गिरिडीह के शास्त्री नगर उसरी नदी के किनारे बन रहे पार्क स्थल का विवाद फिर सामने आ गया. भण्डारीडीह के चैताडीह 28 नंबर के लोगों ने सोमवार को एक महिला के शव को निर्माणाधीन पार्क के बाउंड्री के अंदर ही दफना दिया गया. लोगों का कहना था कि नगर निगम और प्रशासन ने आश्वासन के बावजूद शास्त्री नगर श्मशान घाट को चिन्हित करके नहीं दिया है. उन्होंने कहा कि पार्क निर्माण से उनका विरोध नहीं है, लेकिन जब तक प्रशासन श्मशान घाट का विकास नहीं करता वे पार्क स्थल पर ही दाह संस्कार करते रहेंगे.
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क्या है पूरा विवाद
नगर निगम द्वारा अमृत योजना के तहत शहर में करोड़ों की लागत से कई चिल्ड्रेन पार्क बनाने की योजना तैयार की गई है. इसके अंतर्गत आईएमएस रोड और टाउन हॉल के बगल में दो पार्क बनकर चालू हो चुके हैं. दो अन्य जगह बरमसिया और शास्त्री नगर घाट में पार्क का काम जारी है. इनमें शास्त्री नगर उसरी नदी घाट पर बन रहा पार्क शुरू से ही विवाद के घेरे में है. इलाके के लोगों ने कुछ माह पूर्व श्मशान स्थल पर पार्क बनाने का जोरदार विरोध किया था. लोगों के इस विरोध में विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल और झामुमो के प्रतिनिधि भी शामिल हुए थे.
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जिस मृतक महिला की लाश को दफनाया गया, उसका नाम चमनी देवी है. वह भंडारीडीह चैताडीह की रहने वाली थी. उसके पति लट्टू पासवान ने कहा कि हमलोग हमेशा से इसी जगह दाह संस्कार करते आ रहे हैं. अगर यह श्मशान घाट नहीं है तो प्रशासन बताए कि हमलोग कहां अंतिम क्रियाक्रम करेंगे. घटना की सूचना पाकर नगर निगम के प्रतिनिधि घटनास्थल पर पहुंचे, लेकिन तब तक लोग लाश को दफना चुके थे.
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स्थानीय लोगों ने पार्क के साथ-साथ श्मशान घाट की थी मांग
उपायुक्त, नगर आयुक्त समेत स्थानीय विधायक को ज्ञापन सौंपकर पार्क के साथ-साथ श्मशान घाट के लिए जगह चिन्हित करके उसके विकास की मांग स्थानीय लोगों ने की थी. इसके बाद चैताडीह के लोगों ने विरोध स्वरूप एक मृत का दाह संस्कार भी पार्क स्थल पर ही किया था. लोगों का आरोप है कि प्रशासन और नगर निगम ने सिर्फ झूठा आश्वासन दिया. प्रशासन ने 70 फीट जगह छोड़कर पार्क बनाने की बात कही थी. मगर ठेकेदारों ने पूरी जगह को पार्क के लिए घेर लिया.




