
Ranchi: झारखंड 2019 के चुनाव में अगर कोई सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोर रहा है, तो वो हैं बीजेपी के बागी और मुख्यमंत्री रघुवर दास के प्रतिद्वंद्वी सरयू राय. पार्टी की तरफ से टिकट देने में देरी होता देख सरयू राय ने 17 नवंबर को ऐलान किया था कि बीजेपी अपना टिकट अपने पास रखे. पार्टी ने जिसे झारखंड में जीत का प्रतीक बनाया है, वो उसी के लिए खिलाफ चुनाव लड़ेंगे.
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इतना कहने के बाद उन्होंने अपने मंत्री पद का इस्तीफा राज्यपाल को भेज दिया और विधायक पद का इस्तीफा विधानसभा स्पीकर को भेज दिया. इस्तीफा भेजे जाने के बाद उन्होंने पूर्वी जमशेदपुर से चुनाव लड़ा. मतदान खत्म होते ही सरयू राय को बीजेपी ने पार्टी की तरफ से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया.
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राज्यपाल और स्पीकर ने नहीं किया है इस्तीफा मंजूर
सरयू राय अपने चुनाव के बाद गोमिया सीट से निर्दलीय उम्मीदवार माधव लाल सिंह के प्रचार के लिए गोमिया में हैं. उन्होंने फोन पर न्यूज विंग से बात करते हुए बताया कि उनका दिया हुआ इस्तीफा न ही राज्यपाल ने और न ही विधानसभा स्पीकर ने अभी तक मंजूर नहीं किया है. ऐसे में वो अब भी मंत्री हैं और विधायक भी. सरयू राय ने कहा कि उन्होंने राज्यपाल से समय लिया है.
गुरुवार को वो उनसे मुलाकात कर उनके इस्तीफे को मंजूर करने को लिए आग्रह करेंगे. वहीं विधानसभा स्पीकर से भी मिल कर वो इस्तीफा मंजूर करने को कहेंगे.
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