
Ranchi: राज्यपाल राधाकृष्णन ने सदन में कहा कि राज्य सरकार की दूरदर्शी एवं सशक्त निर्णयों के कारण कोरोना की तीसरी लहर कहर नहीं बन पाई. सरकार ने जहां कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण के सभी संभव उपाय किये वहीं अर्थव्यवस्था को भी पटरी से नहीं उतारने दिया. सरकार ने जितना काम कोविड रोकथाम, कोविड अनुकूल व्यवहार और अस्पताल प्रबंधन के लिए किया उतना ही काम गरीबों की रोजी रोटी, बच्चों की शिक्षा, युवाओं के रोजगार, विकास के काम और जन कल्याण की योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए भी किया. कहा कि कोरोना महामारी के काल मे जहां वर्ष 2020-21 में देश का आर्थिक विकास दर ऋणात्मक (-6.6) रहा वहीं झारखंड के विकास दर ऋणात्मक (-5.5) प्रतिशत रहा. वर्ष 2021-22 में आर्थिक विकास दर 8.2 प्रतिशत रहा है. कोरोना महामारी के काल मे झारखंड में प्रति व्यक्ति आय वर्ष 2020-21 में 70, 071 रुपये थी जो 2021-22 में बढ़कर 78,660 रुपये हो गयी. कहा कि यह आंकड़े इस बात के द्योतक है कि झारखंड विषम परिस्थितियों में भी अपने संकल्पबद्ध प्रयास से सफलता के नए आयामों को स्पर्श करने की क्षमता रखता है.




