
Ranchi : कंपनी से जुड़े एक विवाद मामले में रामगढ़ की निचली अदालत द्वारा सीआरपीसी की धारा 313 के तहत बयान दर्ज कराने के लिए कोर्ट में सशरीर उपस्थित नहीं होने के कारण रामगढ़ विधायक ममता देवी के खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट को झारखंड हाइकोर्ट ने निरस्त कर दिया. मामले की सुनवाई हाइकोर्ट के न्यायमूर्ति एसके द्विवेदी की अदालत में हुई. दरअसल, विधायक ममता देवी को एक कंपनी से जुड़े विवाद मामले में रामगढ़ की निचली अदालत में सीआरपीसी की धारा 313 के तहत बयान दर्ज कराना था. लेकिन उनकी ओर से अधिवक्ता के माध्यम से रिप्रेजेंटेशन दिया गया कि वह कुछ आवश्यक कारण से कोर्ट में उपस्थित नहीं हो पा रही हैं. इस पर कोर्ट ने उनके बेल बांड को रद्द करते हुए गैर जमानती वारंट जारी किया. साथ ही बेलर को भी नोटिस जारी किया. इसके अलावा विधानसभा स्पीकर को इस संबंध में कम्युनिकेट किया गया था. झारखंड हाइकोर्ट ने मंगलवार को मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि एक ही दिन में गिरफ्तारी वारंट सहित अन्य आदेश निचली अदालत द्वारा पारित किया गया, जो अनुचित है. अगर वह उस दिन बयान दर्ज कराने हाजिर नहीं हो सकी थीं, तो उन्हें कोई दूसरा डेट उपस्थित होने के लिए देना चाहिए था. उनके वकील के माध्यम से कोर्ट में उपस्थित नहीं होने से संबंधित आवेदन को कोर्ट ने खारिज करते हुए उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया. हाइकोर्ट ने ममता देवी को निर्देश दिया है कि वह 2 नवंबर से पहले या जब निचली अदालत सीआरपीसी की धारा 313 का बयान दर्ज करने की तिथि निर्धारित करती है उस दिन वे अपना बयान दर्ज करा लें. प्रार्थी की ओर से वरीय अधिवक्ता एके कश्यप ने पैरवी की.
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