
Ranchi : आयुष्मान भारत योजना को लेकर भले ही स्वास्थ्य विभाग से लेकर अन्य सरकारी महकमे में गहमागहमी है, लेकिन सूबे के सबसे बड़े अस्पताल में स्थिति भला कैसे सुधर सकती है. आयुष्मान भारत योजना से लोगों को जोड़ने के लिए रिम्स में दो दिन पहले ही एक कियॉस्क बनवाया गया था, जहां मरीज अपने लाल कार्ड, पीला कार्ड एवं आधार कार्ड दिखाकर पंजीयन करा सकते हैं. शुक्रवार को किसी तरह से कुछ लोगों का पंजीयन कराया गया, लेकिन शनिवार को सिस्टम पूरी तरह फेल हो गया. पंजीयन कराने के लिए लोग सुबह 10 बजे से ही लाइन में लगे रहे, लेकिन तीन बजे तक पंजीयन शुरू नहीं हो सका. लाइन में कई मरीज भी खड़े थे, लेकिन बेबसी और लाचारी के आगे वे कुछ नहीं कर सकते थे. सरकार ने आयुष्मान भारत योजना जारी कर गरीब और जरूरतमंद लोगों को एक उम्मीद दी है. बीमारी के इलाज की उम्मीद, स्वस्थ जीवन की उम्मीद, असाध्य रोगों के इलाज के लिए पांच लाख रुपये तक दिये जाने की उम्मीद. लेकिन, जब तक उनका पंजीयन नहीं होगा, वे इस योजना का लाभ नहीं उठा सकते हैं. पंजीयन कर रही नेशनल इंश्योरेंस के प्रतिनिधि अपूर्व ने बताया कि दिल्ली से ही यह समस्या हो रही है. कई बार ठीक करने को कहा गया, लेकिन इसे ठीक नहीं किया जा सका है. ठीक कराने का प्रयास किया जा रहा है.
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सदर अस्पताल में तो कियॉस्क ही नहीं
यह बड़ी हैरत की बात है कि जहां हर तरफ आयुष्मान भारत के तहत राजधानी रांची को सजाया जा रहा है, जगह-जगह पर पोस्टर लगाये जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जहां सिविल सर्जन बैठते हैं एवं जहां नि:शुल्क चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध करायी जाती है, उस सदर अस्पताल में इससे संबंधित एक पोस्टर तक नहीं है. अस्पताल परिसर में एक कियॉस्क भी नहीं बनवाया गया है. मरीज चाहकर भी सदर अस्पताल में अपना पंजीयन नहीं करा सकते हैं. सिविल सर्जन विजय बहादुर प्रसाद ने बताया कि सभी तैयारियां की जा रही हैं. रातभर में सब लगवा दिया जायेगा. लेकिन, प्रश्न यह है कि रविवार को आयुष्मान भारत योजना का शुभारंभ होना है. स्वयं प्रधानमंत्री इसका शुभारंभ करने दिल्ली से रांची आ रहे हैं. सदर अस्पताल के डीएस चैंबर में आयुष्मान भारत योजना की लॉन्चिंग कार्यक्रम देखने की व्यवस्था की गयी है. इसके बावजूद सदर अस्पताल में योजना की जानकारी से संबंधित कोई पोस्टर, बैनर, फ्लेक्स नहीं है.





