
Ranchi: 170 करोड़ रुपये की अनियमितता को लेकर एसीबी ने निरंजन कुमार ने खिलाफ प्रारंभिक जांच दर्ज की है. मिली जानकारी के अनुसार सीएम के आदेश के बाद गुरुवार को एसीबी ने प्रारंभिक जांच दर्ज की है. इंडियन पोस्ट एंड टीसी एकाउंटेंस एंड फाइनेंस सर्विस के अधिकारी निरंजन कुमार के खिलाफ एसीबी डीजी ने आदेश दिया है कि दो हफ्ते में प्रारंभिक जांच पूरी कर इस संबंध में आगे के तथ्यों की जानकारी जुटा कर एफआइआर दर्ज किया जाये.
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सीएम ने दिया था आदेश
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जेयूएसएनएल के प्रबंध निदेशक रहे इंडियन पोस्ट एंड टीसी एकाउंट्स एंड फाइनांस सर्विस के अधिकारी निरंजन कुमार के खिलाफ लगे गंभीर आरोपों की जांच भ्रष्टाचार एसीबी से कराने का आदेश दिया था. निरंजन कुमार के खिलाफ अपने पुराने परिचयों का दुरुपयोग कर जेयूएसएनएल का प्रबंध निदेशक और जरेडा का निदेशक बनने का आरोप है.
यह भी शिकायत की गयी है कि इन पदों के लिए उन्होंने कोई भी तकनीकी अहर्ताएं पूरी नहीं की. इसके अलावा 27 जनवरी 2019 को प्रतिनियुक्ति अवधि समाप्त हो जाने के बाद इनकी प्रतिनियुक्ति अवधि का विस्तार केंद्र सरकार या डीओपीटी में अभी तक प्राप्त नहीं होने की शिकायत भी मिली थी.निरंजन कुमार को मार्च में जेयूएसएनएल के एमडी और जरेडा के निदेशक के पद से हटा कर वित्त विभाग में विशेष सचिव के पद पर तैनात किया गया था. लेकिन उन्होंने कार्यभार नहीं संभाला था.
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निरंजन कुमार के ऊपर अवैध रूप से वेतन निकासी सहित कई और आरोप हैं
अवैध रूप से वेतन निकासी सहित कई और आरोप निरंजन कुमार के ऊपर हैं. इनके खिलाफ इस अवधि में अपने वेतन की निकासी अवैध रूप से करने का आरोप है. उनके खिलाफ सरकार के विभिन्न खातों से लगभग 170 करोड़ का भुगतान करने और सपरिवार विदेश भ्रमण की शिकायत भी सरकार को मिली थी.
उन पर अपनी संपत्ति विवरण में अपनी पत्नी के नाम से अर्जित संपत्ति का कोई विवरण नहीं देने और निविदा में मनमाने तरीके से किसी कंपनी विशेष को भी एसीबी से जांच कराने का आदेश दिया है. निरंजन कुमार के खिलाफ पूर्व में एसीबी ने जांच की अनुमति सरकार से मांगी थी. लेकिन पूर्ववर्ती सरकार ने जांच की अनुमति नहीं दी थी.
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