
Giridih : जहरीले बिच्छू के डंक से 13 साल का बच्चा अमन टुडू बेहोश हो गया था. घटना के तुरंत बाद अमन के दादा और परिवार के कई सदस्य अमन को पहले गांव के जादू-टोना करनेवालों को दिखाया. गांव के तांत्रिक ने इस दौरान जादू टोना कर अमन को ठीक करने का प्रयास किया. लेकिन इस दौरान अमन की हालत और खराब होती गयी. यहां तक कि उसे मृत बता दिया गया. इसके बाद अमन के दादा और पिता सोनू टुडू समेत अन्य उसे लेकर गिरिडीह के सदर अस्पताल पहुंचे. सदर अस्पताल के डॉक्टर फजल को जब इस बात की जानकारी मिली, तो उन्होंने सीपीआर देना शुरू किया. जिससे बच्चे की सांस चलने लगी. इसके बाद बच्चे को डॉ फजल ने तुरंत आइसीयू में एडमिट किया. जहां उसका इलाज किया गया. बच्चे की हालत में सुधार होना शुरू हो गया. फिलहाल अमन टुडू का इलाज गिरिडीह के सदर अस्पताल में चल रहा है.
अक्सर विवादों के कारण चर्चा में रहनेवाले गिरिडीह सदर अस्पताल के एक डॉक्टर ने एक मिसाल कायम की है. सिविल सर्जन डॉक्टर शिव प्रसाद मिश्रा ने डॉक्टर फजल अहमद और आइसीयू की टीम के कार्यों की जम कर तारीफ की. इधर बच्चे की सेहत बेहतर होने के बाद परिजन भी अब खुश दिख रहे हैं.
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