
Ranchi: झारखंड में अब प्राइवेट लैब में कोरोना जांच कराने के लिए 4500 नहीं लगेंगे. झारखंड सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने नयी दरें जारी कर दी है. कोविड जांच के लिए अब कोई भी लैब 2400 से अधिक वसूल नहीं कर सकेंगे. इस दर में सैंपल कलेक्शन से लेकर रिपोर्ट देने तक के दर को शामिल किया गया है. अलग से किसी भी तरह का दर नहीं जोड़ा जाएगा.
केंद्र सरकार के रिकमेंडेशन के बाद स्वास्थ्य विभाग ने नये दर का निर्धारण किया है. आइसीएमआर से 25 मई को ही झारखंड सरकार को एक पत्र भेजा गया था. जिसमें प्राइवेट लैब से मिलकर सहमति से एक दर निर्धारित करने को कहा गया था. झारखंड से पहले महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा ने कोविड टेस्टिंग के रेट को कम किया है.
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लगभग 15 हजार लोग प्राइवेट लैब में करा चुके हैं जांच
झारखंड में अब तक पांच प्राइवेट जांच केंद्रों को मान्यता दी गयी है. जिसमे से सभी मान्यता प्राप्त लैब्स को झारखंड में सिर्फ सैंपल कलेक्शन की अनुमति है. जांच राज्य के बाहर संबंधित लैब्स के मान्यता प्राप्त केंद्रों में ही की जाती है. इसके लिये मरीजों से फिलहाल झारखंड में 4500 लिए जा रहे थे.
अभी तक लगभग 15 हजार लोग प्राइवेट जांच केंद्रों में अपनी जांच करा चुके हैं. झारखंड आईडीएसपी के एक वरिष्ठ अधिकारी का मानना है कि जांच के दरों में कमी आने से प्राइवेट टेस्टिंग में बढ़ोतरी होगी.
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महाराष्ट्र-दिल्ली ने 2200 रुपये किये कोरोना जांच के दर
केंद्र सरकार और आइसीएमआर के डायरेक्शन के बाद महाराष्ट्र सरकार ने कोरोना जांच दर 2200 रुपये कर दिया था. जिसके बाद दिल्ली सरकार ने भी कोरोना के टेस्टिंग रेट को 4500 से 2200 कर दिया. हरियाणा ने भी टेस्टिंग रेट को घटाकर 2400 कर दिया है.
झारखंड सरकार भी रेट को 4500 से घटाकर 2400 कर दिया है. टेस्टिंग रेट 4500 रुपये होने के कारण बहुत से लोग चाहने के बाद भी अपना करो ना जांच प्राइवेट लैब से नहीं करा रहे थे.
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