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सरकारी आदेश को निजी स्कूलों ने दिखाया ठेंगा, मनमाने तरीके से वसूली जा रही हर तरह की फीस

Ranchi: छह बार शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो की बयानबाजी, एक बार अभिभावक संघ के साथ बैठक, दो बार निजी स्कूलों के साथ मैराथन बैठक. तमाम तामझाम के बाद निजी स्कूलों के लिए दो पन्ने में स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग ने आदेश निकाला. लेकिन नौ बिंदुओं में निकाले गये सरकार के आदेश को निजी स्कूल ठेंगा दिखा मनमाने तरीके से फीस की वसूली कर रहे हैं.

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क्या है स्कूलों को सरकार का आदेश

– एकेडमिक ईयर 2020-21 में निजी स्कूल किसी प्रकार की फीस बढ़ोतरी नहीं करेंगे.

– पूर्व की तरह जब स्कूल चलने तक केवल ट्यूशन फीस लिया जायेगा.

– किसी भी परिस्थिति में ट्यूशन फीस जमा नहीं करने के कारण किसी छात्र का नामांकन रद्द नहीं किया जायेगा. साथ ही ऑनलाइन शिक्षण व्यवस्था से भी वंचित नहीं किया जायेगा.

– ऑनलाइन शिक्षण व्यवस्था में भेदभाव न हो, इसके लिए आइडी पासवर्ड और शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराने की जिम्मेवारी स्कूल की होगी.

– विद्यालय बंद रहने की अवधि तक किसी प्रकार का वार्षिक शुल्क, यातायात शुल्क या किसी अन्य प्रकार का शुल्क अभिभावकों से नहीं लिया जायेगा. जब स्कूल फिर से खुलेंगे तब उक्त सारे फीस प्रोपोर्शनल आधार पर लिये जायेंगे.

– किसी भी परिस्थिति में अभिभावकों से लेट फाइन नहीं लिया जायेगा.

– विद्यालय में कार्यरत सभी शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों का वेतन न काटा जायेगा, न रोका जायेगा.

– निजी स्कूल किसी अन्य तरह का शुल्क सृजित कर अभिभावकों पर दबाव नहीं बनायेंगे.

– आदेश का पालन नहीं करने पर निजी स्कूलों की एनओसी रद्द कर दी जायेगी.

क्या कर रहे हैं निजी स्कूल

सरकार के आदेश के बाद भी निजी स्कूल फीस लेने का काम कर रहे हैं. स्कूलों की ओर से अभिभावकों को मैसेज भेजकर पैसे जमा करने को कहा जा रहा है. कई बार ऑनलाइन क्लासेस के दौरान टीचर्स स्टूडेंट्स के माध्यम से फीस जमा करने को कह रहे हैं. शहर के एक निजी स्कूल ने अपने शिक्षक को स्टूडेंट्स की बजाप्ता लिस्ट बना कर दी है और सभी स्टूडेंट्स से फीस जमा करने को कहा जा रहा है.

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सरकार ने आदेश दिया है कि जो निजी स्कूल ऑनलाइन क्लासेस ले रहे हैं,उन्हें ही ट्यूशन फीस लेनी है. वैसे अधिकांश निजी स्कूल ऑनलाइन क्लास के नाम पर खानापूर्ति कर रहे हैं. इसी बहाने ट्यूशन फीस की मांग भी कर रहे हैं. सुरेंद्रनाथ सेंटेनरी स्कूल, जेवीएम श्यामली जैसे बड़े स्कूलों ने अपने फीस डिटेल्स में ट्यूशन फीस के साथ-साथ साइंस लैब चार्ज, लाइब्रेरी, कंप्यूटर जैसे वन टाइम लिए जाने वाले फीस भी जोड़ रहे हैं. शहर के दर्जनों स्कूल हैं, जो ट्यूशन फीस में कई मदों की फीस जोड़ कर वसूली का काम कर रहे हैं.

न सहोदया एक्टिव और न अभिभावक संघ

फीस लेने के नाम पर निजी स्कूलों की चल रही मनमानी पर लगाम लगाने वाला कोई नहीं है. शिक्षामंत्री जगरनाथ महतो के साथ बैठक में अभिभावक संघ और सीबीएसई सहोदया ने हिस्सा लिया था. सहोदया की ओर से केवल ट्यूशन फीस लेने की बात भी कही गयी थी. इस संबंध में सीबीएसई सहोदया रांची के अध्यक्ष डॉ राम सिंह का कहना है कि स्कूलों की ओर से अगर ऐसा किया जा रहा है तो यह गलत है.

स्कूलों का सरकार के आदेश आने के बाद भी मनमाने तरीके से फीस वसूला जाना, नैतिक पतन है. वहीं निजी अभिभावक संघ भी स्कूलों की मनमानी को लेकर केवल आंदोलन की रूपरेखा ही तय कर पायी है. अब तक किसी तरह का ठोस कदम नहीं उठाया गया है.

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