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झारखंडः श्रावणी मेला पर हाईकोर्ट ने रखा फैसला सुरक्षित, 3 जुलाई को होगा निर्णय

Ranchi: बाबाधाम देवघर में पूजा को लेकर गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे की जनहित याचिका पर हाईकोर्ट में मंगलवार को सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. इसपर 3 जुलाई को निर्णय लिया जायेगा.

चीफ जस्टिस डॉ रविरंजन और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की दो जजों की खण्डपीठ ने सुनवाई पूरी की.श्रावणी मेला को लेकर दायर जनहित याचिका पर सरकार की तरफ से कोर्ट में जबाव दिया गया कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए सरकार मंदिर खोलने के पक्ष में नहीं है. लेकिन प्रार्थी ने मंदिर खोलने और मेले की इजाजत देने का आग्रह किया. दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने सुरक्षित फैसला रख लिया है.

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गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने मांगी इजाजत

इससे पहले गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने पहले राज्य सरकार से पत्र लिखकर आग्रह किया था कि वो बाबाधाम में पूजा करने की इजाजत दे. उन्होंने यह भी कहा था कि अगर सरकार मंजूरी नहीं देती है तो, वो कोर्ट जाएंगे. अपने कहे अनुसार उन्होंने हाई कोर्ट में बाबाधाम में पूजा शुरू करने को लेकर जनहित याचिक दायर की है.

 

कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या देख केंद्र नहीं ले रहा फैसला

बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 30 मई को अनलॉक-1 को लेकर जो गाइडलाइन जारी की थी, उसमें किसी तरह के धार्मिक आयोजन को लेकर विशेष जिक्र था. गाइडलाइन में कहा गया था कि लॉकडाउन में किसी भी तरह की छूट फेज वाइज दी जायेगी.

पहले और दूसरे फेज में जहां धार्मिक स्थलों, होटलों, शैक्षणिक संस्थानों को खोलने का जिक्र था. वहीं तीसरे फेज में सिनेमा हॉल, स्वीमिंग पुल, धार्मिक कार्यों और किसी तरह के धार्मिक आयोजन का जिक्र था.तीसरे फेज को लेकर मंत्रालय का स्पष्ट निर्देश था कि स्थिति देख मंत्रालय कोई निर्णय लेगा. जहां तक राज्य में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की बात है, तो पिछले कुछ दिनों से मरीजों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है. हर दिन बड़ी संख्या में मरीज मिल रहे हैं. ऐसे में यह तय माना जा रहा है कि इस बार भक्तों को श्रावणी मेले से महरूम रहना पड़ेगा.

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