
Ranchi : राज्य में पीएसए (प्रेशर स्विंग ऐड्रसॉर्प्शन) ऑक्सीजन प्लांट को लेकर राजनीति चरम पर है. भाजपा और झामुमो इसे लेकर एक दूसरे के सामने ताल ठोक रहे हैं. देश भर के 500 अस्पतालों में प्रेशर स्विंग ऐड्रसॉर्प्शन ऑक्सीजन प्लांट (पीएसए) लगाये जाने की तैयारी है. केंद्र सरकार इसके लिए पहल कर रही. फिलहाल इसमें से एक भी प्लांट झारखंड के लिए आवंटित नहीं हुआ है. राज्य सरकार ने इसके लिए केंद्र से पुनर्विचार करने की गुहार लगायी है. सरकार के स्तर से 27 अस्पतालों में प्लांट लगाने का प्रस्ताव भी दिया गया है.
इधर सांसद निशिकांत दुबे ने सवाल उठाया है कि पिछले ही साल झारखंड को 4 ऑक्सीजन प्लांट केंद्र से मिले पर काम एक पर भी शुरू नहीं हुआ. उधर मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने सांसद को जनता को बरगलाने का आरोप लगाया है.
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क्या है माजरा
मार्च, 2020 से ही देश भर में कोरोना संकट का दौर शुरू हो गया था. इसके बाद केंद्र की ओऱ से कई स्तरों पर कदम उठाये गये थे. इनमें अस्पतालों में पीएसए ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना भी एक प्रयास था. पीएसए प्लांट ऑक्सीजन को हवा से तकनीक के माध्यम से अलग करता है. कंप्रेस्ड हवा में लगभग 21 फीसदी ऑक्सीजन तथा 78 प्रतिशत नाइट्रोजन होता है. इसे जिओलाइट आणविक छलनी से होकर गुजारा जाता है. इसके बाद ऑक्सीजन अलग हो जाता है. जानकारी के मुताबिक पिछले ही साल झारखंड के चार बड़े अस्पतालों में पीएसएस प्लांट लगाये जाने की स्वीकृति केंद्र की ओऱ से दी गयी थी. इनमें रांची में रिम्स और सदर अस्पताल, जमशेदपुर में एमजीएम तथा धनबाद में पीएमसीएच शामिल हैं. यह अलग बात है कि इस प्लांट की स्थापना पर अब तक काम शुरू नहीं हो सका है.
सांसद ने पूछा सवाल
निशिकांत दुबे के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद् मोदी ने पिछले साल चार ऑक्सीजन प्लांट झारखंड को दिये थे. अब तक एक पर भी काम शुरू नहीं हो सका है. बावजूद इसके नया प्लांट चाहिए. झारखंड को वेंटिलेटर्स मिला तो साल भर से कपड़ा ओढ़ा कर इसे सुलाये रखा. श्री दुबे ने कटाक्ष करते हुए ट्विटर पर भी लिखा कि बेहतर होगा कि झारखंड के लिए शाम 7 से लेकर सुबह 11 बजे तक के लिए एक एक्सट्रा मुख्यमंत्री भी केन्द्र दे, वही काम करायेगा.
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मंत्री ने किया पलटवार
मिथिलेश कुमार ठाकुर ने सांसद के सवाल पर कहा कि वे जनता के सामने झूठ बोल रहे हैं. झारखंड की प्रबुद्ध जनता आपके हर झूठ को बेनकाब करेगी. पीएसए ऑक्सीजन प्लांट की निविदा से लेकर इंस्टालेशन तक का जिम्मा केंद्र ने अपने पास रखा है. बंटवारे से लेकर इसके क्रियान्वयन तक में सरकार ने चेहरा देख कर विभेद किया है. उन्होंने ट्विटर पर कुछ जानकारियों को सांसद को साझा करते हुए इसका अवलोकन करने को भी कहा है. साथ ही कहा है कि यदि राज्य सरकार को ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना के लिए निधि आवंटित होती तो सभी निर्धारित स्थानों पर आज ऐसा प्लांट सुचारू रूप से कार्य करता होता. “Heads I win….Tails you loose”… वाली कहावत पूरी तरह से सांसद पर चरितार्थ होती है.
उधर झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने भी शनिवार को वीडियो जारी करते हुए कहा कि केंद्र 500 पीएसए प्लांट देशभर में लगा रहा है. पर झाऱखंड की उपेक्षा कर रहा है. ऐसी स्थिति में झारखंड कोरोना काल में गहरे संकट में जा रहा है. अब कड़ाई से लॉकडाउन लगाना ही राज्य सरकार के लिए मजबूरी बन सकती है.
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