
Dhanbad : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-इंडियन स्कूल ऑफ माइन्स धनबाद में 192 करोड़ रुपये की लागत से बने एक्वामरीन हॉस्टल का उद्घाटन किया. पीएम खूंटी के उलिहातू में आयोजित कार्यक्रम का सीधा प्रसारण आईआईटी के गोल्डन जुबली लेक्चर थियेटर में किया गया. कार्यक्रम के बाद आईआईटी-आईएसएम के निदेशक प्रोफेसर जेके पटनायक ने बताया कि छात्रावास की स्थापना 2014 में हुई थी, जो 2023 में पूरा हुआ. एक्वामरीन हॉस्टल उत्कृष्ट शिक्षा के लिए समर्पित, प्रतिष्ठित संस्थान का प्रतीक है.
आईआईटी-आईएसएम छात्र कल्याण के लिए एक अटूट प्रतिबद्धता, गुणवत्ता का पर्यायवाची वातावरण को बढ़ावा देना शिक्षा और विश्व स्तरीय सुविधाएं हैं विशेष रूप से आदिवासी कल्याण पर सरकार के फोकस के अनुरूप भी प्रशिक्षण प्रदान करता है. धनबाद के विभिन्न आदिवासी कारीगरों और उनके द्वारा बनाए गए उत्पादों की बिक्री ACIC के माध्यम से सुनिश्चित करता है. जनजातीय लोगों की भलाई सुनिश्चित करने के लिए विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा वित्त पोषित परियोजना के तहत जामताड़ा के दूरदराज के इलाकों में कार्यशाला आयोजित किया जाता है. संस्थान के द्वारा 12 आउटरीच कार्यक्रम के तहत संचालन कर रहा है. सुदूर आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों के विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रुचि जगाने के लिए प्रयोगशाला, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित का प्रशिक्षण दी जाती है.
इस कार्यक्रम में प्रोफेसर एमके सिंह, प्रोफेसर सुभाशीष चटर्जी, प्रो.अंशुमाली रजनी सिंह और नितिन भट्ट, मिल्टन पार्थसारथी के साथ सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद थे.



