
Patna: राजधानी पटना की सड़क पर आधे घंटे तक हंगामा होता रहा. दरअसल, बीच सड़क पर डीआइजी रैंक के एक पूर्व आइपीएस अधिकारी को बाइकर्स गैंग ने जमकर पीटा. इस दौरान उनके बेटे के साथ भी मारपीट की गयी है.
बड़ी बात ये है कि मामले को लेकर जब पुलिस को फोन किया गया तो एक थानेदार ने अपना क्षेत्र नहीं होने की बात कहते हुए पल्ला झाड़ दिया. हालांकि, इस दौरान पूर्व अधिकारी किसी तरह जान बचाकर वहां से भागे और उन्होंने वरीय अधिकारियों को खबर दी.
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Bihar: A retired IPS officer Ajay Verma & his son were allegedly beaten up by bike-borne miscreants in Patna y’day, following an altercation when one of the bikes hit the officer’s car. Miscreants also vandalised his car. FIR registered, police is trying to identify the accused. pic.twitter.com/6nop4HweNM
— ANI (@ANI) August 14, 2019
शहर के खेमनीचक मोड़ पर दिनदहाड़े हुई इस घटना में अजय वर्मा समेत पूरे परिवार पर हमला किया गया. वही पुलिस के रवैये से आहत पूर्व आइपीएस के परिवार ने राज्य में पुलिस तथा कानून व्यिवस्थाआ पर सवाल खड़े किए. मामला पटना के रामकृष्ण नगर थाने के जगनपुरा इलाके का है.
बाइक-कार में टक्कर को लेकर बीच सड़क पर पिटाई
मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार को रामकृष्ण नगर थाने के जगनपुरा इलाके में एक दर्जन बाइक सवार अपराधियों ने पूर्व डीआइजी अजय वर्मा की सरेराह पिटाई कर दी.
दरअसल, पूर्व अधिकारी अपने परिवार के साथ जा रहे थे और इसी दौरान उनकी कार और बाइक में हल्की टक्कर हो गयी. जिसके बाद अजय वर्मा ने कार से उतरकर, बाइक की चाबी निकाल ली और पुलिस को फोन किया.
वहीं बाइक सवार ने फोन कर अपने कुछ दोस्तों को बुला लिया. कुछ ही देर में बाइक सवार 10-12 लड़के वहां पहुंच गए और पूर्व डीआइजी अजय वर्मा की लात-घूंसे से जमकर पिटाई कर दी. इस दौरान कार ड्राइवर की भी पिटाई की गयी. वहीं बीच-बचाव करने आए पत्नी और बेटे से भी बदलसलूकी की गई.
मामले में पूरे परिवार के साथ मारपीट की गई. इस पिटाई में पूर्व डीआइजी और उनके बेटे घायल हो गये हैं.
इस मामले में रामकृष्णानगर थाने में मामला दर्ज कराया गया है. अजय वर्मा 1985 बैच के आइपीएस अधिकारी हैं. पिछले साल उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) ले ली थी.
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पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल
पूरे विवाद को लेकर बड़ी बात ये है कि जब पुलिस को मामले की जानकारी दी गयी तो एक थानेदार ने अपना क्षेत्र नहीं होने की बात करते हुए मामले से पल्ला झाड़ने की कोशिश की.
पुलिस के इस रवैये से उनकी कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं.
खबर है कि मामले की जानकारी देने के आधे घंटे तक पुलिस मौके पर नहीं पहुंची थी.
पूर्व डीआइजी की पत्नीक संपा सिन्हाे के अनुसार घटना स्थमल पर करीब आधे घंटे तक पुलिस नहीं पहुंची. वरीय अधिकारियों से बात करने के बाद एक थानेदार ने फोन कर हाल तो जाना, लेकिन उसने यह कहते हुए पल्लाक झाड़ लिया कि घटना उसके क्षेत्र में नहीं हुई है.
मामले को लेकर भड़की पूर्व डीआइजी की पत्नी ने कहा कि घटना के दौरान वे लोग भगवान भरोसे रहे. किस्मदत अच्छी थी कि जान बच गई. उन्होंउने बिहार पुलिस पर भरोसा होने से इनकार कर दिया.
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