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ढुल्लू तेरे कारण: कोयला लोडिंग बंद होने से बिगड़ रही मजदूरों की स्थिति, कैंसर-हर्ट के मरीज नहीं खरीद पा रहे दवा

लगभग चार माह से कोयले की मैनुअल लोडिंग बंद है. मशीनों द्वारा कोयले की लोडिंग की जा रही.

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Kumar Kamesh

Dhanbad : बाघमारा विधानसभा में बीसीसीएल द्वारा संचालित एरिया 1 -5 तक की कोलियरियों में कोयला लोडिंग करने वाले मजदूरों की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है. इन कोलियरियों में लगभग चार माह से कोयले की मैनुअल लोडिंग बंद है. जिस कारण मजदूरों के सामने विकट स्थिति उत्पन्न हो गयी है. लोडिंग प्वांइटों पर कोयले का उठाव बंद होने से इन्हें मानसिक रूप से भी परेशान होना पड़ रहा है.

बीसीसीएल द्वारा संचालित एरिया 1 -5 तक की कोलियरियों में कई लोडिंग पॉइंट ऐसे हैं जंहा रंगदारी के कारण मैनुअल लोडिंग का काम पूरी तरह से बंद कर मशीनों द्वारा कोयले की लोडिंग की जा रही है.

जिससे यहांं काम करने वाले करीब 500 से ज्यादा मजदूरों के पास भुखमरी की स्थिति है. वहीं दूसरी तरफ पिछले दिनों कुछ व्यसायियों ने बीसीसीएल प्रबंधन से एरिया 1 -5 तक की कोलियरियों से कोयला उठाव के लिए सुरक्षा की मांग की थी, जिसके बाद सीआइएसएफ की तैनाती की गयी. कुछ कोलियरियों से कोयले का उठाव शुरू किया  गया पर वहांं भी कोयले की पर्याप्त मात्रा नहीं रहने से पिछले दो दिनों से गाड़ियां वैसी ही खड़ी हैं.

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लोडिंग में विधायक जी को चाहिये रंगदारी

बाघमारा कोलियरियों में काम करनेवाले कई मजदूर दबे जुबान यह भी कहते हैं कि विधायक जी को लोडिंग में रंगदारी चाहिए. जिसके कारण लोडिंग का काम बंद है. हमलोग बेमौत मर रहे हैं.

छिटपुट लोडिंग का काम छोड़ दिया जाए तो पिछले चार महीने से लोडिंग बंद है. जिसके कारण हम मजदूरों के समक्ष भुखमरी की स्थिति बन गयी है. यहांं रोजगार नहीं मिलने से कुछ मजदूर रोजगार की तलाश में  पलायन भी कर रहे हैं.

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कैंसर व हार्ट पेसेंट पैसे के अभाव में नहीं खरीद पा रहे दवा 

कुछ मरीज दवा के अभाव में दम तोड़ रहे हैं. मजदूरों के अनुसार उन्हें काम चाहिए. मजदूर बताते हैं कि पिछले 20 साल से हमलोग यहां काम कर रहे हैं.  जिनमे कैंसर व हार्ट पेसेंट कई मजदूर हैं. पिछले कई  दिनों से काम ठप है.

पैसे के अभाव में कैंसर से पीड़ित शारदा देवी व हृदय रोगी शिवराज रजक दवा नहीं खरीद पा रहे हैं. ऐसे कई और भी मजदूर हैं जो बीमार हैं लेकिन पैसे के अभाव में दवा नहीं खरीद पा रहे हैं. दूसरी तरफ पिछले कई दिनों से कोयले का उठाव नहीं होने से इनके भोजन पर भी आफत है. बच्चों की शिक्षा पर भी इसका असर पड़ रहा है.

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हाई पावर कमेटी द्वारा तय मजदूरी दर का भी नहीं मिल पा रहा लाभ 

जिला प्रशाशन द्वारा गठित हाई पावर कमेटी द्वारा तय की गयी राशि का लाभ भी इन मजदूरों को नहीं मिल पा रहा है. जो भी थोड़ी बहुत लोडिंग का काम हो रहा है, उसमे भी सेंधमारी की जा रही है.

हाई पावर कमेटी की ओर से मजदूरी की राशि सीधे मजदूर के खाते में भेजने का निर्णय लिया गया था. लेकिन यह फैसला भी अभी तक धरातल पर नहीं उतर पाया है. मजदूरों का कहना है कि रंगदारी के पैसे में बीसीसीएल के बाबुओं की भी हिस्सेदारी होती है इसलिए वे ऐसा नहीं होने देना चाहते.

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